• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

#Article370: नेहरू भी जानते थे -एक दिन खत्म हो जाएगा अनुच्छेद 370

|

नई दिल्‍ली। आज मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है, सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया। जिसके बाद जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म हो चुका है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को विधानसभा वाले केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल गया है, वहीं लद्दाख भी जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है, जहां बीजेपी इस फैसले पर जश्न मना रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस पर विरोध जताया है।

 प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को भी था अंदेशा

प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को भी था अंदेशा

लेकिन आपको जानकर शायद हैरत होगी कि हमेशा कश्मीर के फैसले को लेकर विरोधियों के निशाने पर रहे देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को भी लगता था कि एक दिन ऐसा आएगा जब कश्मीर से धारा 370 हटा दी जाएगी, या इसमें संशोधन हो सकता है।

यह पढ़ें: #Artical370: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने से क्या पड़ेगा फर्क?

'दहकते अंगारे' किताब में है नेहरू के खत का जिक्र

'दहकते अंगारे' किताब में है नेहरू के खत का जिक्र

दरसल जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन ने एक किताब लिखी है, जिसका नाम है 'दहकते अंगारे', जिसमें उन्होंने पंडित नेहरू के उस खत का जिक्र किया है, जो कि उन्होंने 21 अगस्त, 1962 को अनुच्छेद 370 के संबंध में पं. प्रेमनाथ बजाज को लिखा था, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि संविधान में धारा 370, जो कि जम्मू-कश्मीर को एक विशेष दर्जा देती है, में बहुत कुछ किया जा चुका है और जो कुछ थोड़ी बहुत बाधा है, वह भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।

 कांग्रेस भी कर चुकी है परिवर्तन

कांग्रेस भी कर चुकी है परिवर्तन

नेहरू कि ये लाइनें ये इशारा करती हैं कि वो भी जानते थे कि एक दिन ऐसा आएगा कि जिस दिन धारा 370 में भावी परिवर्तन किया जाएगा या परिवर्तन को भी जरूरत होगी। आपको बता दें कि खुद कांग्रेस ने साल 1952 में और 1962 में अनुच्छेद 370 में संशोधन कर चुकी है।

कौन हैं जगमोहन

जगमोहन दो बार जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे हैं. वो पहली बार अप्रैल 1984 से जून 1989 तक और दूसरी बार जनवरी 1990 से मई 1990 के बीच राज्यपाल की कुर्सी संभाल चुके हैं, उन्होंने तो अपनी किताब ये भी लिखा है कि निहित स्वार्थों द्वारा इस अनुच्छेद 370 का का दुरुपयोग होता रहा है, जिसकी वजह से इसने कश्मीर की सुंदरता को उजाड़ दिया है।

क्या कहा अमित शाह ने

क्या कहा अमित शाह ने

राज्‍यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्‍मू कश्‍मीर राज्‍य में लागू धारा 370 को हटाने का प्रस्‍ताव पेश किया जिसके बाद अब अनुच्छेद 370 के सभी खंड जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होंगे और जम्‍मू कश्‍मीर राज्‍य को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म हो जाएगा, यही नहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग करते हुए दोनों ही को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात कही गई है, हालांकि दोनों ही में थोड़ा फर्क होगा।गृह मंत्री शाह ने कहा कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 370 के उपबंध (3) के तहत अनुच्छेद 370 को खत्म करने का अधिकार है। राज्य में इस वक्त राज्यपाल शासन है, इसलिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सारे अधिकार संसद के दोनों सदन के अंदर निहित है, राष्ट्रपति के इस आदेश को साधारण बहुमत से पारित कर सकते हैं।

यह पढ़ें: Article 370: धर्म के कारण बॉलीवुड को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने किया ये Tweet

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Article 370 Will End in Jammu and Kashmir on one day said Pt. Jawahar Lal Nehru , wrote former Governor Jagmohan Malhotra of J&K in his book.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more