सर्जिकल स्ट्राइक: 'किसी को पीछे मत छोड़ना, चाहे वो शहीद हो या जवान'

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नई दिल्ली। पाकिस्तानी इलाके में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना ने आधी रात से सर्जिकल स्ट्राइक शुरू किया और यह सूरज उगने से पहले तक चला।

भारतीय सैनिकों ने एलओसी पारकर पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकियों को ढेर किया और बिना किसी नुकसान के वापस लौट आए।

सर्जिकल स्ट्राइक पर जाने से पहले उनको यह आदेश मिला था कि कोई भी भारतीय शहीद या जवान उस पार न छूटे।

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indian army

250 किलोमीटर के दायरे में सर्जिकल स्ट्राइक

भारतीय सेना ने एलओसी पर 250 किलोमीटर के दायरे में सर्जिकल स्ट्राइक किया और इसके लिए सेना के जवान पहाड़ों और जंगलों वाले पाकिस्तानी इलाके में दो किलोमीटर अंदर तक घुस गए।

सात आतंकी ठिकानों को नष्ट किया

आधी रात को यह सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन शुरू हुआ। इसके लिए सात आतंकी ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया था। हर ठिकाने पर लगभग 30-40 आतंकी थे। भारतीय सेना का दावा है कि सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकी मारे गए हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक में पैरा कमांडोज और सेना के जवान

इस स्ट्राइक को सेना के जवान के साथ हेलिकॉप्टर से पैरा कमांडोज ने अंजाम दिया। इसके लिए कश्मीर के उरी सेक्टर में भारी फायरिंग की गई ताकि पाकिस्तान सेना का ध्यान इधर भटकाया जा सके और भारतीय सेना के जवान पाकिस्तान में घुस सके।

'किसी को पीछे मत छोड़ आना'

सेना के जवानों को आदेश मिला था सर्जिकल स्ट्राइक के बाद वापसी के समय कोई पाकिस्तान में छूट न जाए चाहे वो शहीद हो या फिर कोई और जवान।

जम्मू कश्मीर और मेट्रो पर हमले की तैयारी में थे आतंकी

भारतीय सेना का कहना है कि जिन आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया वहां जम्मू कश्मीर और मेट्रो पर हमले की प्लानिंग की जा रही थी। उन आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की पहले से नजर थी।

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English summary
The surgical strike operation in territories of Pakistan by Indian army started in midnight and went one till sunrise.
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