जम्मू-कश्मीर में पंडितों, प्रवासियों को डराने वाले लश्‍कर के कमांडर को सेना ने किया ढेर

जम्मू-कश्मीर में पंडितों, प्रवासियों को डराने वाले लश्‍कर के कमांडर को सेना ने किया ढेर

Awantipora Encounter: जम्‍मू कश्‍मीर में 5 अगस्‍त 2019 को अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां कश्‍मीरी पंडितों और प्रवासियों को आतंकित करने के लिए लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं। कुछ सयम पहले कई आम लोगों को आतंकियों की हत्‍या कर दी। इसके पीछे पंडितों और प्रवासियों को डरा कर कश्‍मीर में बसने नहीं देना ही उद्देश्‍य था। वहीं मंगवार को भारतीय सेना और कश्‍मीर पुलिस ने अपने संयुक्‍त एनकाउंटर में बड़ी कामयाबी हासिल की है अवंतीपोरा में तीन आतंकियों को मार गिराया है। ये बड़ी कामयाबी इसलिए है क्‍योंकि इन तीन आतंकियों में लश्कर-टीआरएफ कमांडर मुख्तार अहमद भट भी शामिल है जो कश्‍मीरी पंडितों और प्रवासियों को आतंकित कर रहा था और उनकी हत्‍याओं में शामिल था।

ARMY

लश्कर-टीआरएफ कमांडर था
कश्‍मीर पुलिस आलाधिकारियों के अनुसार मुख्तार अहमद भट पिछले कई सालों से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट के एक ओवरग्राउंड का वर्कर था और अब लश्कर-टीआरएफ कमांडर था। ये 13 मई को पुलवामा में जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान रियाज अहमद थोकर की हत्या में शामिल था।
युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था
कमांडर बनने से पहले मुख्‍तार अहमद भट कई वर्षों तक टीआरएफ का ओवरग्राउंड वर्कर था वो अपने भारत देश के खिलाफ हथियार उठाने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में भी शामिल था और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

पुलवामा में पंडितों, प्रवासियों को डराने-धमकाने में शामिल था
पुलवामा के काकापोरा बेल्ट में लश्कर-ए-तैयबा-टीआरएफ को मजबूत करने में मुख्‍तार अहमद भट ने अहम रोल निभाया। भट पुलवामा में कश्मीरी पंडितों, प्रवासी मजदूरों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने में शामिल था, जिससे समुदाय में डर पैदा हो रहा है। उसका उद्देश्‍य उनमें डर पैदा कर यहां से पलायन को मजबूर करने का था।

पुलिसकर्मी रियाज अहमद थोकर की हत्या में शामिल था
मुख्तार भट इस साल 13 मई को पुलवामा के गदूरा में जम्मू-कश्मीर के पुलिसकर्मी रियाज अहमद थोकर की हत्या में शामिल था। वह पुलवामा कस्बे के उगरगुंड में दो प्रवासी मजदूरों पर हुए हमले में भी शामिल था, जिसमें से एक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

घर से बहाने से निकला था और टीआरएफ में शामिल हो गया
पुलिस ने बताया कि मारा गया आतंकी मुख्तार अहमद भट लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध द रेसिस्टेंस फ्रंट का कट्टर कमांडर था। पुलवामा का रहने वाला भट 18 अप्रैल को अपनी मौसी से मिलने के बहाने घर से निकला और लापता हो गया और बाद में जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि वो टीआरएफ में शामिल हो गया और पुलवामा के आसपास आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था।

मारे गए तीन आतंकी, बड़ी घटना को देने वाले थे अंजाम
पुलिस द्वारा दी गई सूचना के अनुसार मंगलवार को तीन आतंकियों को अवंतीपोरा में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकियों में मुख्तार अहमद भट और पुलवामा के सकलैन मुश्ताक शामिल हैं। तीसरा आतंकी मुशफीक पाकिस्तान का रहने वाला था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकवादी नेशलन हाईवे के आसपास एक बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। सेना ने आतंकियों के पास से एक एके-74 राइफल बरामद भी की है।

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