क्या कुंवारी लड़कियों की हैं गंगा में उतराती मिलीं सभी 108 लाशें?
लखनऊ/उन्नाव। पहले जहरीली शराब पीकर 38 लोगों की मौत के बाद अब उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी के परियर घाट के पास 100 से ज्यादा शव (लगभग 109 शव) मिलने से सिर्फ उन्नाव या यूपी में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन जहां चुप है वहीं प्रशासनिक अधिकारी हैरान हैं। स्थानीय अधिकारियों की तो नींद ही उड़ गई है। आस-पास के गांवों व कस्बे के लोग किसी महामारी की आशंका से सहमे हुए है।

मामला तूल पकड़ा तो बुधवार सुबह उन्नाव की डीएम सौम्या अग्रवाल ने अफसरों के साथ मिलकर घटनास्थल का जायजा लिया। जिला प्रशासन और डॉक्टरों की एक टीम डीएनए टेस्ट के लिए शवों से सैंपल ले रही है। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि आधा दर्जन डॉक्टरों की टीम गंगा में मिले शवों का डीएनए टेस्ट के लिए सैंपलिंग कर रही है। टीम में सीएमओ गीता यादव भी शामिल हैं। लगभग 80 शवों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इसके जरिए यह पता चल पाएगा कि ये शव किस उम्र के हैं, इनमें कितनी महिला और पुरुष हैं।
इस बीच हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि वहां ऐसा रिवाज है कि अविवाहित लड़कियों के शवों को जलाने के बजाए उन्हें गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। इससे मामले में एक नया मोड़ आ गया है और सवाल उठने लगा है कि क्या सभी शव अविवाहित लड़कियों के ही हैं? हालांकि प्रथम दष्टया यह अपराध से जुड़ा मामला नजर नहीं आता है, फिर भी पुलिस हर पहलू पर गहराई से छानबीन कर रही है।
परियर घाट पर कोई दाह संस्कार नहीं होता
स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में दाह संस्कार करने के लिए आमतौर पर एक दर्जन घाटों का उपयोग किया जाता है, मगर परियर घाट के किनारे कोई दाह संस्कार नहीं होता। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां अविवाहित लड़कियों के शव को गंगा में प्रवाहित करने की भी परंपरा है। जिन स्थानों पर जल प्रवाह करने की परंपरा है, उनमें बिठूर घाट, भैरव घाट, भगतदास घाट, गोला घाट, हरिहर घाट प्रमुख हैं। इनके अलावा आधा दर्जन घाटों पर जल प्रवाह या शव जलाने की व्यवस्था है।
उन्नाव में मिले शवों का रहस्य सुलझाएं अखिलेश यादव
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उप्र इकाई ने बुधवार को सरकार से उन्नाव में एक साथ मिले 100 से अधिक शवों के रहस्य को सुलझाने की मांग की है। भाजपा ने कहा कि जांच से पहले अधिकारी लगातार सफाई दे रहे हैं। उन्हें इसकी जगह मामले की तह तक जाना चाहिए। पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि एक ही जगह 100 से अधिक शवों पाया जाना बड़ी बात है। सरकार और स्थानीय अधिकारियों को इस मामले की पूरी ईमानदारी के साथ जांच करनी चाहिए और जांच में आए तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए।
पाठक ने कहा कि सरकार आनन फानन में उन शवों का अंतिम संस्कार करने में जुटी है। उन शवों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लिया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को मानवता का भी खयाल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर गंगा की सफाई का अभियान प्रधानमंत्री की ओर से चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नदी किनारे एक साथ इतनी संख्या में शवों का पाया जाना काफी आश्चर्यजनक है। सरकार इस मामले की पूरी जांच करवाए।












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