Video: 'अगर कल को मेरे साथ कुछ हो तो, सच्चाई...', ये कह फूट-फूट कर रोईं अर्चना गौतम, कहा- मर्डर होने का वेट है
Archana Gautam on Congress: एक्ट्रेस और राजनेता अर्चना गौतम ने अपने अधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर कर बताया कि 29 सितंबर को दिल्ली कांग्रेस दफ्तर में उनके साथ-साथ क्या हुआ था। अर्चना गौतम ने कहा कि उनकी जान को खतरा है। अर्चना गौतम में वीडियो में रोते हुए कहा कि, उन्हें इस बात का दुख है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी क्यों सबकुछ देखकर भी चुप हैं। अर्चना गौतम ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी चुप्पी तोड़ने को कहा है।
अर्चना गौतम ने कहा, "मैं आप सभी को कुछ बात बताना चाहूंगी क्योंकि मुझे नहीं पता कि मैं कल रहूंगी या नहीं। आप सबको ये जानना जरूरी है कि 29 सितंबर को क्या हुआ था? उन्होंने मेरे और मेरे पिता के साथ किस तरह का व्यवहार किया था। मैं पूरा मामला आप लोगों को बताना चाहती हूं क्योंकि अगर मुझे कुछ होता है तो यह इस बात का सबूत होगा कि असल में क्या हुआ था।''

'मेरे पिता, ड्राइवरों और पत्रकारों को भी पीटा गया था...'
अर्चना गौतम ने कहा, ''बिग बॉस के घर से बाहर आने के बाद मैं न तो दीदी (प्रियंका गांधी) से मिलने गई थी और न ही कांग्रेस दफ्तर गई थी। और फिर जब मैं दीदी मिली तो, उनके पीए ठाकुर संदीप सिंह ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया था और मेरे पिता ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस बार मैं दिल्ली में थी, तो मैंने सोचा कि प्रियंका गांधी और खड़गे जी को महिला विधेयक के लिए बधाई दे दूं। मेरे पिता, मेरे ड्राइवर और मैंने जाने का फैसला किया।''
अर्चना गौतम ने आगे कहा, 'जब हम पार्टी कार्यालय के अंदर जाने के लिए गए तो उन्होंने गेट बंद कर दिया और मुझे इजाजत नहीं दी। मैंने एक दिन पहले ही संदीप सिंह के पीए नीरज जी को बता दिया था कि मैं अगले दिन दोपहर 12 बजे तक आऊंगी। लेकिन उन्होंने पहले ही यूपी से रात में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बुला लिया था। सोशल मीडिया पर आपने जो वीडियो देखा, वह जो कुछ हुआ था उसका बमुश्किल 1% है, मेरे पिता, ड्राइवर और मेरे सहित सभी पत्रकारों को भी पीटा गया। जब मेरे पिता को छाती पर मारा गया, तब मुझे गुस्सा आया था।''

'वे महिलाएं मुझे मार रही थीं, मेरे बाल खींच रही थीं, आदमी चिकोटी काट रहे थे'
अर्चना गौतम ने आगे कहा, 'इस घटना का मेन वीडियो और फुटेज को जबरदस्ती हटा दिया गया। मीडिया चैनल से डिलीट करवाया गया था। वे महिलाएं मुझे मार रही थीं, मेरे बाल खींच रही थीं और यहां तक कि पुरुषों ने भी मुझे चिकोटी काटी और पीटने की कोशिश की। जब मेरे पिता को बेरहमी से पीटा गया तो मैं अपना आपा खो बैठी। उन्होंने मेरे पिता की छाती पर बुरी तरह से मारा। मैं अपने माता-पिता के प्रति इस तरह का अनादर बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने मेरे ड्राइवर को भी इतनी बुरी तरह मारा कि उसके सिर से खून बहने लगा।''

'मुझे ऐसा लगा जैसे किसी महिला के साथ रेप होता है...'
अर्चना गौतम ने रोते हुए कहा कि, ''मुझे ऐसा लगा जैसे किसी महिला के साथ रेप होता है या उसकी हत्या कर दी जाती है और वह अपनी जान बचाने के लिए गुजरती कारों से मदद मांगने की कोशिश करती है। मैं भी वही कर रहा थी। मैं इस स्थिति से बचने के लिए कारों से मदद की भीख मांग रही थी लेकिन किसी ने परवाह नहीं की। मेरे पिता या मेरी मदद करने कोई भी आगे नहीं बढ़ा। मैं दूसरों से क्या उम्मीद करूं, जब मेरी पार्टी के लोगों ने ही मुझे पीटा है।''
'मेरी पार्टी के वो बड़े नेता कहां हैं...उन्हें दिख नहीं रहा है...'
अर्चना गौतम ने आगे कहा, ''मेरी पार्टी के वो बड़े नेता कहां हैं? जब इतनी बड़ी घटना घटी तो वे मेरे समर्थन में भी नहीं आए। क्या वे मेरे मारे जाने का इंतजार कर रहे हैं? क्या मेरे मर्डर का वेट है...मेरे मरने पर वे बोलेंगे? मेरी अपनी पार्टी और उनके अधिकारियों को छोड़कर हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है और मेरा समर्थन कर रहा है।''
अर्चना गौतम ने कहा, ''मैं इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जा रही हूं। मैं नहीं जानता कि मैं जिंदा लौटूंगा या नहीं, यह वीडियो इस बात को साबित करता है कि मैं किस दौर से गुजरी हूं। अगर कल को मुझे कुछ हो जाए तो कृपया इसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल करें। जब मैं एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिल्ली के पुलिस स्टेशन गई तो उन्होंने मुझे कुछ दिन इंतजार करने के लिए कहा, जबकि उन्हें पता था कि मेरी जान खतरे में है।''

'दीदी चुप क्यों हैं? मैंने उनके पार्टी के लिए क्या-क्या किया...'
अर्चना गौतम ने आगे ये भी कहा कि, ''इन पिछले 10-12 दिनों में मैं बहुत सदमे में रही हूं। मैं इतना डरी हुई हूं कि जब दरवाजे की घंटी बजती है तब भी मैं अपनी मां कहती हूं कि देखकर खोलना। मैंने गार्ड से कहा है कि वह किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में ना आने दे।''
अर्चना गौतम ने कहा कि, ''मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जिंदा रहूंगी। दीदी चुप क्यों हैं? मैंने उनके और अपनी पार्टी के लिए इतना स्टैंड लिया लेकिन कोई भी मेरे समर्थन में सामने नहीं आया। उन्होंने मुझ पर आरोप लगाया और मुझे पार्टी से निकाल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों और उन्होंने मेरे साथ क्या किया, यह देखने की जहमत भी नहीं उठाई। आप लोग उस महिला का सम्मान नहीं करते जिसने आपके लिए स्टैंड लिया। मैं कभी भी पार्टी के खिलाफ नहीं गई लेकिन वे मुझ पर गलत आरोप लगा रहे हैं।'












Click it and Unblock the Notifications