Apples Farming: अमेरिकी सेब पर मोदी सरकार ने लिया ऐसा फैसला, हिमाचल से लेकर कश्मीर तक मचा सियासी बवाल
अमेरिका से आयातित सेब पर केंद्र सरकार ने 20 फीसदी सीमा शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। कांग्रेस ने कहा कि PM मोदी वॉशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम करके 5 लाख से ज्यादा सेब किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं।
Apples Farming: केंद्र सरकार के अमेरिका से आयातित सेब पर 20 फीसदी सीमा शुल्क में छूट के फैसले पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि PM मोदी वॉशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम करके 5 लाख से ज्यादा सेब किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि जब पीएम मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे तो वह कहा करते थे कि हिमाचल उनका दूसरा घर है और वाशिंगटन सेब पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाएगा। लेकिन जब वो पीएम बने तो रिपोर्ट के मुताबिक जी 20 के दौरान केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया कि वॉशिंगटन के सेब पर सिर्फ 15 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाएगा, जो कभी 70 फीसदी था।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ है, जहां जीडीपी का लगभग 14 फीसदी सेब के बागानों से आता है। आज वहां के लोगों को मदद की जरूरत है। लेकिन PM मोदी वॉशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम करके 5 लाख से ज्यादा सेब किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने उठाया सवाल
अमेरिका से आयातित सेब पर 20 फीसदी सीमा शुल्क में छूट के केंद्र सरकार के फैसले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इससे (अमेरिकी सेब का) आयात आसान हो जाएगा और वे आसानी से बेचे जाएंगे। खरीद की कीमतें शिमला में सेब का उत्पादन बड़े उद्योगपतियों द्वारा कम कर दिया गया है। जब सेब उत्पादक यहां पीड़ित हैं, तो किसकी मदद की जानी चाहिए? उनकी, या अमेरिका के किसानों की?
मंडी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का कहना है कि स्थिति बहुत दर्दनाक है। बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है...लोग पीड़ित हैं...हम अनुरोध कर रहे हैं कि अगर केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दे। उनके (स्थानीय लोगों) लिए फायदेमंद हो। राज्य सरकार वह सब कुछ कर रही है जो वह कर सकती है... लेकिन कुछ चीजें केवल केंद्र सरकार की मदद से ही की जा सकती हैं। मुझे यकीन है कि वे मदद करेंगे... मुझे नहीं लगता कि कोई भी ऐसी आपदा का राजनीतिकरण करना चाहेगा।
फारूक अब्दुल्ला बोले- जल्द करेंगे विरोध प्रदर्शन
अमेरिका से आयातित सेब पर 20 फीसदी सीमा शुल्क में छूट के केंद्र सरकार के फैसले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि जब जी 20 के दौरान रियायतों की घोषणा की गई थी, तो यह नहीं सोचा गया था कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। इसका असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि इसका असर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पर भी पड़ेगा।
अब्दुल्ला ने आगे यह भी कि हमारी प्रमुख अर्थव्यवस्था सेब और अखरोट है। अमेरिका को खुश करने के लिए, वे स्थानीय उत्पादकों को खत्म करना चाहते हैं। मैं अपील करता हूं भारत सरकार से अनुरोध है कि वह ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे यहां पहले से मौजूद गरीबी और बढ़ जाए और हम एक और संकट में फंस जाएं... अगर वे लोगों के लिए इसे आसान नहीं बनाते हैं, तो हम सड़क पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।
क्या है मामला?
दरअसल, केंद्र ने अमेरिका से आयात होने वाले सेब पर आयात शुल्क में 20 फीसदी की कटौती की है। इससे सेब उत्पादन में अग्रणी हिमाचल व जम्मू-कश्मीर के बागवानों में नाराजगी है। इनका कहना है कि शुल्क में कटौती से देसी सेबों के दामों में भारी गिरावट आएगी। हिमाचल व जम्मू-कश्मीर के बागवान सरकार से मांग कर रहे हैं कि विदेशी सेब के आयात शुल्क को दोगुना किया जाए।












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