Apple Alert: एपल अलर्ट को लेकर जांच की मांग, CPIM सांसद जॉन ब्रिटास ने संसदीय समिति को लिखा पत्र
एप्पल के संदेश को लेकर विपक्ष के कई राजनेताओं ने एक बार फिर से मौजूदा केंद्र पर सरकार पर जासूसी कराने का आरोप लगाया गया है। मामले में अब सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति को पत्र लिखा है और भारत में आईफोन उपयोगकर्ताओं को जारी किए गए हालिया धमकी अधिसूचना संदेशों की जांच के लिए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।

एप्पल के अलर्ट संदेश को लेकर दावों से एप्पल ने एक बयान कर खारिज किया था। हालांकि विपक्ष की ओर से अब भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। बुधवार (1 नवंबर) को सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति को पत्र लिखा। जिसमें भारत में आईफोन उपयोगकर्ताओं को जारी किए गए हालिया धमकी अधिसूचना संदेशों की जांच के लिए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की।
सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति को पत्र लिखा है और भारत में आईफोन उपयोगकर्ताओं को जारी किए गए हालिया धमकी अधिसूचना संदेशों की जांच के लिए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।
बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कांफ्रेस कर सरकार की मंशा पर कई सवाल भी खड़े किए हैं। भाजपा की ओर से निशिकांत दुबे ने विपक्षी नेताओं के आरोप पर कहा कि राहुल गांधी की तरह आरोप लगाकर विपक्षी नेता भाग रहे हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि Apple के स्पष्टीकरण का इंतेजार करने की बात कही थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 30 अक्तूबर रात 11:45 पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिव सेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, आप के राघव चड्ढा, सीपीआई (एम) के महासचिव और पूर्व सांसद सीताराम येचुरी, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता शशि थरूर आदि को Apple से यह सूचना मिलने का दावा किया गया।












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