कृष्णा नदी जल बंटवारा: KRMB संभालेगी जिम्मा, आंध्र- तेलंगाना की बीच सहमति
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सरकार कृष्णा जल-बंटवारे को लेकर अपनी तटस्थ नीति को लेकर आमने-सामने हैं। हाल ही में कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (KRMB) द्वारा एक अंतरिम बैठक बुलाई गई थी। जिसमें दोनों राज्यों को प्रतिनिधियों के अलावा आंध्र प्रदेश के इंजीनियर-इन-चीफ नारायण रेड्डी भी शामिल हुए।
कृष्णा नदी जल बंटवारे को लेकर 2014 में राज्यों के विभाजन के बाद से, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों आमने-सामने हैं। तेलंगाना 50:50 नदी जल बंटवारे के समर्थन में है जबकि आंध्र प्रदेश इससे इनकार करता है। 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के हवाले से आंध्र तेलंगाना को कृष्णा नदी के कुल 811 टीएमसीएफटी में से लगभग 512 हजार मिलियन क्यूबिक फीट जल आवंटित करने के पक्ष में है।

आंध्र प्रदेश की सरकार का मानना है कि कृष्णा नदी के 66 प्रतिशत जल पर उनका अधिकार है। राज्य के सिंचाई मंत्री अंबाती रामबाबू ने तेलंगाना सरकार पर राज्य को कृष्णा जल के अपने उचित हिस्से का उपयोग करने से रोकने का आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार को तेलंगाना के हिस्से के पानी की एक बूंद का भी उपयोग करने की मंशा नहीं है।












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