अनुराग ठाकुर ने महिला पहलवानों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए दिए दिशा निर्देश, राज्यसभा में कही ये बात
राज्यसभा में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने महिला पहलवानों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए दिशा निर्देश दिए।
WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण के आरोप लगाए, जिसके बाद साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित कई पहलवानों ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया था। वहीं, पहलवानों ने यौन आरोपों पर राज्यसभा में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कुछ सलाह दी।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि घरेलू/इंटरनेशनल शिविरों के दौरान महिला एथलीटों के साथ किसी भी दल में महिला कोच का होना अनिवार्य हो। इसके साथ ही ये सुनिश्चित करने के लिए कि खेलों में यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर एसओपी के अनुसार दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

आगे उन्होंने कहा कि एथलीटों और अन्य लोगों के साथ नियमित रूप से संवाद करने के लिए सभी राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों और विदेशी एक्सपोजर में अनुपालन अधिकारी नियुक्त किया जाए।
इसके साथ ही खेल मंत्री ने कहा कि प्री कैंप संवेदीकरण मॉड्यूल को किसी भी राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विदेशी टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले सभी एथलीटों, सहायक कर्मचारियों, कोचों को एक साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही एनएसएफ ने राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में महिला कोच या सहायक स्टाफ की ताकत बढ़ाने की ओर ध्यान देना होगा।
बता दें कि महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे, जिसके चलते बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह को नियमित जमानत दे दी है।












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