राजस्थान की सुप्रिया चौधरी महिलाओं का बढ़ाया सम्मान, प्रादेशिक सेना में बनीं लेफ्टिनेंट
नई दिल्ली। राजस्थान का झुंझुनूं जिला देश को पहली महिला फायटर पायलट मोहना सिंह को देने वाला शहर है। यहां की एक और बेटी ने बड़ी उड़ान भरी है। झुंझुनूं की रहने वाली सुप्रिया चौधरी ने प्रादेशिक सेना में राजस्थान में पहली और देश की दूसरी महिला लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है। झूंझुनू के अलसीसर तहसील के गोखरी में रहने वाली सुप्रिया का कहना है कि महिलाओं को देश की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।

राष्ट्रपति, सेना प्रमुख से बटोरी सराहना
सुप्रिया ने कहा कि देश की सेवा का कोई मौका हमे नहीं गंवाना चाहिए, महिलाओं को भी इसके लिए आगे आना चाहिए। हमे देश की सेवा का मौका मिले तो उसके लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। आपको बता दें कि सुप्रिया चौधरी शादीशुदा है और उन्होंने कठिन परिश्रम के दम पर यह गौरव हासिल किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और आर्मी प्रमुख जनरल विपिन रावत से सेना दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सराहना बटोरी थी। मौजूदा समय में सुप्रिया वरिष्ठ अधिकारी के पद पर तैनात हैं। वह तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम अंकलेश्वर गुजरात में तैनात हैं।
पति से मिली प्रेरणा
देश के गौरव को बढ़ाने वाली सुप्रिया का कहना है कि उन्हें यह प्रेरणा ओएनजीसी में कार्यकरत उनके पति वरुण सिंह पूनियां व अपने घरवालों से मिली। सुप्रिया ना सिर्फ लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हैं बल्कि उन्होंने देहरादून में गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड को भी कमांड किया था और वह एक सक्रिय खिलाड़ी भी हैं। सेना में ट्रेनिंग के दौरान सुप्रिया को काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा था। लेकिन अपने उपर भरोसे के दम पर उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है।
क्या है प्रादेशिक सेना
आपको बता दें कि प्रादेशिक सेना भी भारतीय सेना की तरह है, यह भारतीय सेना की एक इकाई के तौर पर काम करती है। इसमे काम करने वालों को भारतीय सेना हर साल कुछ समय के लिए प्रशिक्षण देती है। आपातकाल में प्रादेशिक सेनाएं भी देश की सेवा में इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनका मुख्य काम समुद्र तट की रक्षा करना, हवामार यूनिट की व्यवस्था होता। प्रादेशिक सेना में तकरीबन दो लाख सैनिक होते हैं।












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