Black Friday: 2009 में भी शुक्रवार को ही पलटी थी कोरोमंडल एक्सप्रेस, बिछ गई थीं लाशें, तब कितनी मौतें हुई थीं?
Odisha Train Accident: ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 261 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज बालासोर जाकर दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे।

ओडिशा के बालासोर स्थित बहवनागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को तीन ट्रेनों की भारी टक्कर में 238 लोगों की मौत हो गई और 900 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हादसे को 2004 के बाद दुनिया का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है। तीन ट्रेनों की टक्कर ने इस हादसे को और भयावह बना दिया। कोरोमंडल एक्सप्रेस का दुर्घटना के मामले में इतिहास बहुत बुरा रहा है। इससे पहले भी ओडिशा में ही साल 2009 में कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। एक और खास बात सामने आई है उस समय भी वह काला दिन शुक्रवार ही था। यानी कोरोमंडल एक्सप्रेस के लिए शुक्रवार हमेशा से ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ है।
16 लोगों की चली गई थी जान
ओडिशा में 13 फरवरी 2009 की दुर्घटना तब हुई थी जब ट्रेन बहुत तेज गति से जाजपुर रोड रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी और ट्रैक बदल रही थी। ट्रेन का इंजन एक ट्रैक पर चला गया और पलट गया, जबकि डिब्बे सभी दिशाओं में बिखर गए। इस हादसे में 16 लोगों की जान चली गई थी। 2009 की दुर्घटना भी शाम को हुई थी समय शाम के 7.30 से लेकर 7.40 बजे था।
इस बार रेल हादसे में मृतकों की संख्या 288 पहुंची
ओडिशा में शुक्रवार शाम हुए भीषण रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 288 हो गई है। वहीं 900 से अधिक लोग घायल हैं। इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी घटनास्थल पर पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं और सेना को भी बचाव कार्यों में लगा दिया गया है। हादसे को लेकर पीएम मोदी ने बैठक भी बुलाई है।
हेल्पलाइन नंबर (Helpline Number)
दुर्घटना से कुछ मिनट पहले गलत ट्रैक पर चली गई थी कोरोमंडल एक्सप्रेस
रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के सिग्नलिंग कंट्रोल रूम के एक वीडियो के अनुसार, चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) ने शुक्रवार शाम करीब 6.55 बजे बहानगर बाजार स्टेशन को पार करने के बाद मुख्य लाइन के बजाय एक लूप लाइन ले ली, जहां मालगाड़ी खड़ी थी। जिसकी वजह से यह भीषण हादसा हो गया।












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