Andhra Pradesh News: "मुझे मेरे ही घर में नजरबंद क्यों किया गया है?" वाईएस शर्मिला ने CM नायडूृ से पूछा सवाल
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने मंगलवार को सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें विजयवाड़ा स्थित उनके निवास पर नजरबंद कर दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और राज्य सरकार से इसका कारण स्पष्ट करने की मांग की। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है...
मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिला ने लिखा, "मुख्यमंत्री गरु, मुझे मेरे ही घर में नजरबंद क्यों किया गया है? आखिर वजह क्या है? क्या अब पीसीसी कार्यालय जाना भी अपराध बन गया है? क्या आपकी सरकार हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों से डरती है?"

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कार्यालय जाने से रोकने के लिए की गई है। शर्मिला ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और कहा कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
मुझे विजयवाड़ा में अपने ही घर में क्यों नजरबंद किया गया है: वाईएस शर्मिला
आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने लिखा- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री गरु, मुझे विजयवाड़ा में अपने ही घर में क्यों नजरबंद किया गया है? किस कारण से? कृपया आंध्र प्रदेश के लोगों को बताएं। मेरे कार्यस्थल - पीसीसी कार्यालय में जाना भी अब अपराध है आप हमारे संवैधानिक अधिकारों को कम करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? आपकी सरकार किससे डरती है?
तेलुगु समाचार आउटलेट्स के मुताबिक वह आंध्र प्रदेश के वह उद्दंडारायुनिपलेम गांव का दौरा करने वाली थीं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में अमरावती की आधारशिला रखी थी। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर उनके दौरे को रोक दिया था।
सरकार पहले से ही घबराई हुई नजर आ रही है: वाईएस शर्मिला
मीडिया से बातचीत करते हुए वाईएस शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा 'अमरावती कैपिटल कमेटी' का गठन किए हुए महज दो दिन ही हुए हैं, और सरकार पहले से ही घबराई हुई नजर आ रही है। उन्होंने कहा, "हमने केवल 6-7 सदस्यों की एक समिति बनाई है, और सरकार इतनी बौखला गई है कि हमें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। क्या चंद्रबाबू नायडू कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?"
शर्मिला ने सवाल उठाया कि क्या एक महिला नेता और एक राजनीतिक पार्टी की गतिविधियों को रोकने के लिए इतनी भारी पुलिस बल की जरूरत थी? उन्होंने आगे कहा, "पुलिस ने न सिर्फ मुझे रोका, बल्कि मुझ पर हाथ भी डाला। क्या यही आंध्र प्रदेश में महिलाओं की स्थिति है?"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में आंध्र प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है और यह स्थिति चिंताजनक है। शर्मिला ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सबकुछ विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश का हिस्सा है।












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