आंध्र प्रदेश: 5 लाख रुपये से कम राजस्व वाले मंदिरों के शुल्क में जगन सरकार ने छूट का किया फैसला
कम आय वाले मंदिरों पर अतिरिक्त बोझ से बचने के लिए छोटे मंदिरों को पुजारियों को सौंपने के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
हैदराबाद, 21 जून : कम आय वाले मंदिरों पर अतिरिक्त बोझ से बचने के लिए छोटे मंदिरों को पुजारियों को सौंपने के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कहा जा रहा है कि 5 लाख रुपये से कम आय वाले मंदिरों और अन्य हिंदू धार्मिक संस्थानों को बंदोबस्ती विभाग को कानूनी रूप से देय शुल्क से छूट दी गई है।

बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त हरि जावहरलाल ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारियों, उपायुक्तों और क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए हैं। जबकि आधिकारिक आदेश आने थे। आयुक्त ने आदेश दिया कि मंदिरों से अग्रिम में कोई शुल्क नहीं लिया जाए।
सरकार को एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ता है
बंदोबस्ती विभाग अधिनियम के अनुसार, राज्य में 2 लाख रुपये से अधिक की कमाई वाले मंदिरों को हर साल सरकार को एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ता है। प्रत्येक मंदिर को अपनी शुद्ध आय का नौ प्रतिशत कॉमन गुड फंड (सीजीएफ) और आठ प्रतिशत बंदोबस्ती विभाग प्रबंधन कोष और शेष 1.5 प्रतिशत ऑडिट शुल्क के रूप में भुगतान करना आवश्यक है।












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