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फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा की दादी को था लाडले पोते के घर लौटने का इंतजार

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नई दिल्‍ली। गुरुवार को इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने इस बात की पुष्टि कर दी कि जो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 क्रैश हुआ है उसमें 13 वायुसैनिकों में से कोई भी जिंदा नहीं बच सका है। जैसे ही यह खबर आई हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्‍टर 23 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा के घर पर लोगों की भीड़ में इजाफा होने लगा। तीन जून को जब से एएन-32 लापता हुआ था तब से ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट थापा के घर पर रिश्‍तेदारों और करीबी दोस्‍तों का जमावड़ा था। हर कोई बस यह प्रार्थना कर रहा था कि अपनी दादी रामा माया देवी और मां शिवा देवी का दुलारा राजेश सही-सलामत हो लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

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दो वर्ष के थापा दादी के साथ नेपाल से आए भारत

दो वर्ष के थापा दादी के साथ नेपाल से आए भारत

26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा नेपाल के रहने वाले थे। उनकी उम्र दो वर्ष थी जब वह अपनी दादी के साथ भारत आ गए। दादी माया थापा बिजली विभाग से रिटायर हैं। जब विमान के गायब होने की खबरें आईं तो सबसे पहले दादी को इसका पता चला। दादी ने नेपाल में राजेश के पिता हरि और चाचा को इस बारे में बताया। दिल तोड़ने वाली खबर सुनने के बाद सभी 4 जून को फरीदाबाद आए।

परिवार कर रहा था प्रार्थना

परिवार कर रहा था प्रार्थना

पिता हरी थापा के साथ चाचा रविंद्र और राजू एक करीबी दोस्‍त के ललित भारद्वाज के साथ जोरहाट के लिए रवाना हो गए थे। जैसे ही एयरक्राफ्ट के गायब होने की खबरें आई थीं पूरा परिवार प्रार्थना करने लगा कि राजेश को कुछ न हुआ हो। राजेश, अपनी दादी और मां के लाडले थे और दादी के पास ही रहकर उन्‍होंने अपनी पढ़ाई की और एयरफोर्स में जाने का सपना पूरा हो सका।

साल 2013 में बने एयरफोर्स ऑफिसर

साल 2013 में बने एयरफोर्स ऑफिसर

दादी उन्‍हें नेपाल से भारत लेकर आईं और फिर यहां पर उन्‍होंने अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी की। राजेश ने फरीदाबाद के सेंट जॉन्‍स स्‍कूल से पढ़ाई की और फिर एनडीए गए। दादी की याददाश्‍त कमजोर हो गई है लेकिन उन्‍हें याद है कि जिस साल वह रिटायर हुईं उसी साल पोता एयरफोर्स ऑफिसर बना था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट थापा साल 2013 में एयरफोर्स में बतौर पायलट एयरफोर्स में कमीशंड हुए थे।

27 मई को ही छुट्टी से वापस लौटे थे

27 मई को ही छुट्टी से वापस लौटे थे

फ्लाइट लेफ्टिनेंट थापा दो मई से 27 मई तक छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद वह जोरहाट वापस लौट गए। घर वाले उनकी शादी के लिए लड़की भी देख रहे थे लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। थापा अब कभी भी घर नहीं लौटेंगे। अभी तक उनकी दादी और उनकी मां को इस बारे में नहीं बताया गया है।

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English summary
AN-32 crash: Flt.lt. Rajesh Thapa's grandmother and mother are unaware of his death.
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