AMU Minority Status: मुसलमानों के लिए आज महत्वपूर्ण दिन, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ओवैसी की प्रतिक्रिया
Asaduddin Owaisi AMU: सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर दिए अपने फैसले में साल 1967 में दिए गए 'अजीज बाशा बनाम भारत गणराज्य' के फैसले को पलट दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई संस्थान कानून के तहत स्थापित है, तो वह अल्पसंख्यक संस्थान होने का दावा कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक पीठ ने 4-3 के बहुमत से यह महत्वपूर्ण आदेश दिया। इसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार रहेगा या नहीं, इसका फैसला अब नियमित पीठ द्वारा लिया जाएगा।

इस फैसले के बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश के मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन करार दिया। ओवैसी ने कहा, "आज का फैसला यह सुनिश्चित करता है कि अल्पसंख्यकों को अपनी शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार बरकरार है।"
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सभी छात्रों और शिक्षकों को बधाई देता हूं।"
भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी के सभी तर्क खारिज कर दिए गए हैं। भाजपा ने सालों तक AMU और जामिया मिलिया इस्लामिया के अल्पसंख्यक दर्जे का विरोध किया और इन संस्थानों के अस्तित्व पर हमला किया। अब वह क्या करेगी?" ओवैसी ने बीजेपी को आत्मनिरीक्षण और सुधार की सलाह दी।
इसके साथ ही, ओवैसी ने सरकार से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया के लिए बजट में बढ़ोतरी की मांग की, क्योंकि दोनों विश्वविद्यालय "राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।"












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