'आपकी चार पुश्तें भी आ जाएं, हम धारा 370 वापस नहीं होने देंगे', महाराष्ट्र में शरद पवार पर बरसे अमित शाह
Amit Shah On Article 370: गृहमंत्री अमित शाह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता शरद पवार को खुला चैलेंज दे दिया है। अमित शाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पार्टी पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को वापस लाने के लिए प्रस्ताव पारित करने के लिए हमला बोला है।
महाराष्ट्र के शिराला में आज शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में 370 वापस लाना चाहती है, लेकिन मैं कहता हूं कि 4 पुश्तें भी आ जाएंगी तो भी 370 वापस नहीं होगा।

अमित शाह ने शरद पवार पर हमला बोलते हुए कहा कि शरद पवार को बताना चाहिए कि जब वह दस साल तक सत्ता में थे तब उन्होंने महाराष्ट्र को क्या दिया। उन्होंने कहा कि मोदी ने देश का खजाना महाराष्ट्र के लिए लगा दिया है।
#WATCH | Shirala | #MaharashtraAssemblyElections2024 | Union Home Minister Amit Shah says, "National Conference and Congress party passed a resolution in the J&K assembly to bring back Article 370, that Kashmir is not an integral part of India. Today, I am saying it on the land… pic.twitter.com/UiBjGygnYD
— ANI (@ANI) November 8, 2024
अमित शाह ने घोषणा की कि शिराला के भुइकोट किले में छत्रपति संभाजी महाराज का एक बड़ा स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 तारीख को महाराष्ट्र में मतदान होना है और हम सभी को इसमें निर्णायक भूमिका निभानी होगी।
महाविकास अघाड़ी पर हमला
अमित शाह ने कहा कि हमने पुलवामा के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की, लेकिन राहुल बाबा इसका सबूत मांगते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी का भी ऐसे ही सूपड़ा साफ होने जा रहा है।
भाजपा ने लगाई ताक़त
ज्ञात हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र, राजनीतिक दलों के बीच चुनावी प्रचार तेज़ हो गया है। बीजेपी ने इस चुनावी रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रचार के साथ पार्टी ने चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति और मजबूती को और भी ज्यादा महसूस कराना शुरू किया है।
जम्मू कश्मीर विधानसभा में लगातार हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा हुआ, जब पीडीपी विधायक ने अनुच्छेद 370 की बहाली के समर्थन में एक बैनर दिखाया। भाजपा विधायकों ने नारे लगाए और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने इसे लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताया और विधानसभा अध्यक्ष पर सदन की बजाय नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। जम्मू-कश्मीर के नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र 4 नवंबर को अनुच्छेद 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने का विरोध करने वाले प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ।
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