अमृतसर ट्रेन हादसा: '1947 के बाद पहली बार देखा ऐसा मंजर, जहां किसी का सिर नहीं तो किसी का हाथ नहीं'
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार शाम को रावण दहन के दिन एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिसमें अब तक 61 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई है और 70 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। रेल की पटरियों पर खड़े होकर दशहरा उत्सव देख रहे लोगों को पता भी नहीं चला और तेज रफ्तार में आ रही ट्रेन ने 100 से ज्यादा को कुचल डाला। इस हादसे के बाद लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। हर कोई सरकार और प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। रेलवे ने इस हादसे से पल्ला झाड़ लिया है। ज्यादातर चश्मदीदों का कहना है कि हादसा इतना भयानक था कि पटरियों के दोनों तरफ सिर्फ लाशों का अंबार लग था।

1947 के बाद अमृतसर में ऐसा मंजर पहली बार देखा...
इस हादसे के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए एक चश्मदीद ने तो इस घटना की तुलना 1947 में बंटवारे के दौरान हुई हिंसा से कर डाली। चश्मदीद ने कहा, 'ऐसा मंजर तो मैंने फिल्मों में 1947 में देखा था और सुना था। 1947 के बाद अमृतसर में ऐसा मंजर पहली बार देखा गया जब यहां पर सिर्फ और सिर्फ शव पड़े हैं। पटरियों के दोनों तरफ पड़े शव को देखे तो किसी का हाथ नहीं तो किसी का सिर नहीं।' चश्मदीद ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू मौके पर थीं और जैसे ही हादसा हुआ वह मौके से भागकर सुरक्षित जगह पर पहुंच गईं।'

ट्रेन गुजरने के बाद देखा तो लाशें बिखरी थी...
वहीं, एक अन्य चश्मदीद ने स्टेशन मास्टर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। चश्मदीद ने कहा कि दशहरा उत्सव को देखने के बाद भी मोटरमैन ने ट्रेन को धीमा नहीं किया। ट्रेन गुजरने के बाद हमने देखा कि पटरियों की दोनों तरफ लाशें बिखरी पड़ी थी। वहीं, एक पीड़ित की मां अपने छोटे बच्चे की मौत पर रोती हुई कह रही है, 'मैंने मेरा छोटा बच्चा खो दिया है। मुझे वह वापस चाहिए।'

कौन लेगा मौतों की जिम्मेदारी?
एक चश्मदीद ने कहा कि प्रशासन और दशहरा कमेटी इसके लिए जिम्मेदार हैं। ट्रेन के आने के पहले अलार्म बजाना चाहिए था, जो नहीं बजा और यह हादसा हुआ। इस हादसे के बाद मृतक के परिवारों को 7-7 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा हो चुकी है, लेकिन जो नरसंहार मचा है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा यह कोई नहीं कह रहा है। सीएम अमरिंदर आज सुबह पीड़ितोंसे मिलेंगे। वहीं, रेलवे ने कहा है कि इस हादसे के लिए उन्हें जिम्मेदार न ठहराया जाए।
ये भी पढ़ें: अमृतसर ट्रेन हादसा: रेलवे ने कहा- हमें नहीं दी गई दशहरे की जानकारी, हम जिम्मेदार नहीं












Click it and Unblock the Notifications