अमृतसर मेडिकल कॉलेज ने स्कर्ट, कैप्री, टी-शर्ट व जींस पहनने पर लगाया बैन
चंडीगढ़। अमृतसर सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने छात्र-छात्राओं पर कॉलेज में जींस, टी-शर्ट, और स्कर्ट्स पहनने पर बैन लगा दिया है। ड्रेस कोड को लेकर इस नए फरमान से पूरे कॉलेज में हड़कंप मच गया है। ड्रेस कोड पहली अक्टूबर से कॉलेज कैंपस में प्रभावी हो जाएगा। मंगलवार को कॉलेज के सभी विभागों के लिखित आदेश जारी कर दिया गया। प्रधानाचार्य सुजाता शर्मा ने शिक्षकों से आदेश के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और नए नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कॉलेज द्वारा जारी किए गए फरमान में कहा गया है कि, मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस, बीएमसी, डिप्लोमा कोर्स व इंटर्नशिप कर रहे छात्र निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करें। छात्राएं सूट-सलवार या फॉर्मल ट्राउजर-शर्ट पहनकर आएं। वहीं लड़के फॉर्मल ट्राउजर व शर्ट और उस पर सफेद एप्रिन पहनकर अपनी क्लासों व विभागों में आएं। प्रिंसिपल के निजी सहायक अरुण भागी ने कहा कि यह नियम शिक्षकों पर भी लागू होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हॉस्टल में इन कपड़ों को पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
डॉ. सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राएं टी-शर्ट, कैप्री, जीन्स व स्कर्ट पहनकर कॉलेज आते हैं, जो देखने में अभद्र लगता है। यदि कोई छात्र इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसका नाम, रोल नंबर व क्लास की जानकारी उन्हें दी जाए। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर से सभी छात्र ड्रेस कोड का पालन करेंगे। इस फरमान का कापी विभागों के एचओडी, यूनिट इंचार्ज, हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट, प्रिंसिपल ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट आदि को भी भेजी गई है।
प्रिंसिपल के इस आदेश का मेडिकल कॉलेज में विरोध शुरू हो गया है। स्टूडेंट्स ने इस आदेश का विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि, स्टूडेंटस पर ड्रेस कोड थोपना कतई उचित नहीं है। यूनियन के प्रधान मनसिमरत सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में स्टूडेंट्स बॉडी की बैठक बुलाई गई है, उसमें तय किया जाएगा कि ड्रेस कोड को मानना है कि नहीं। उन्होंने कहा कि, यह छात्रों की व्यक्तिगत जिंदगी में दखल है।












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