गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में पेश करेंगे आपराधिक प्रक्रिया ( पहचान ) विधेयक
नई दिल्ली। सोमवार यानी कि आज लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक पेश करेंगे। यह बिल दोषियों और अन्य आरोपियों की पहचान और जांच के मद्देनजर रिकॉर्ड के संरक्षण को लेकर है। नया विधेयक मौजूदा ''कैदियों की पहचान अधिनियम, 1920'' को निरस्त कर देगा। इस बिल के प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी निवारक निरोध कानून के तहत दोषी ठहराए गए, गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पुलिस अधिकारी को "माप" और व्यवहार संबंधी रिकॉर्ड देने की आवश्यकता होगी।

विधेयक पुलिस को धारा 53 में संदर्भित "उंगली के निशान, हथेली के निशान, पदचिह्न छाप, तस्वीरें, आईरिस और रेटिना स्कैन, भौतिक, जैविक नमूने और उनके विश्लेषण, हस्ताक्षर, लिखावट या किसी अन्य परीक्षा सहित व्यवहार संबंधी विशेषताओं" को एकत्र करने की अनुमति देता है। मौजूदा कानून में, यह एक मजिस्ट्रेट के आदेश पर उंगली और पदचिह्न के निशान लेने और सीमित श्रेणी के दोषी और गैर-दोषी व्यक्तियों और तस्वीरों के लिए अनुमति देने तक सीमित है।
विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी निवारक निरोध कानून के तहत दोषी ठहराए गए, गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को पुलिस अधिकारी या जेल अधिकारी को "माप" प्रदान करने की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा, राज्य सभा में संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2022 (झारखंड राज्य के संबंध में), संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) भी लेने की संभावना है। ) विधेयक, 2022, (उत्तर प्रदेश राज्य के संबंध में), दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 और भारतीय अंटार्कटिका विधेयक, 2022, श्री मेघवाल ने सदन को बताया।












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