2019 आम चुनाव: यूपी में 'मोदी ही मोदी'! ये है अमित शाह का एक्शन प्लान
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर स्थित कबीर की मोक्षस्थली से 2019 लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत के बाद अब बीजेपी एक्शन में आ गई। एक के बाद एक उपचुनावों में मिली हार से परेशान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति स्पष्ट है। पहली- कबीर की मजार पर पीएम मोदी ने चादर चढ़ाकर स्पष्ट कर दिया है, यूपी के दलित और पिछड़ों को अपने पक्ष में लाना और दूसरी- पूरे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर 'मोदी ही मोदी' कराने की तैयारी। मिशन 2019 में जुटे अमित शाह ने जो एक्शन प्लान बनाया है, उस पर कई मीडिया रिपोर्ट आई हैं, लेकिन यकीन मानिए कि अमित शाह की तैयारी इन मीडिय रिपोर्ट से भी कहीं ज्यादा धुआंधार है।

इधर पीएम मोदी जनता पर जादू चलाएंगे तो उधर अमित शाह पार्टी वर्कर्स में जान फूंकेंगे
मकसद सिर्फ एक है- यूपी में हर जगह 'मोदी ही मोदी' के नाम की चर्चा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बीजेपी यूपी में हर महीने पीएम नरेंद्र मोदी की एक रैली का आयोजन करेगी। पीएम मोदी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह खुद भी यूपी में कमान संभालने वाले हैं। उनका काम है उत्तर प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक्शन मोड में लाना। अगले महीने अमित शाह के यूपी में इतने कार्यक्रम हैं कि आप गिनते-गिनते थक जाएंगे।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए एक्टिव हुए पीएम मोदी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में हार का सामना करने के बाद बीजेपी अब गन्ना किसानों को तोहफा देकर उन्हें लुभा सकती है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब और कर्नाटक के गन्ना किसानों से भी पीएम मोदी ने हाल में सीधे मुलाकात की। किसानों की समस्या को सीधे एड्रेस करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार गन्ना किसानों को लेकर फिक्रमंद है और उनकी समस्याओं को लेकर बेहद गंभीर भी। पीएम मोदी ने किसानों से कहा कि खरीफ फसलों की लागत राशि पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 फीसदी किया जाएगा और सरकार अगले हफ्ते ही इस संबंध में घोषणा कर देगी। खरीफ की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 150 फीसदी की बढ़ोतरी से किसानों की आमदनी में अच्छा-खासा इजाफा होगा।

पूर्वांचल में पैर मजबूत करने के लिए पीएम मोदी करेंगे एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास
कबीर की मोक्षस्थली मगहर में एक रैली हो चुकी है और अगली रैली आजमगढ़ में होने जा रही है। आजमगढ़ वही जगह है, जहां से मुलायम सिंह यादव सांसद हैं। मीडिया रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि पीएम मोदी की आजमगढ़ रैली 15 जुलाई के आसपास हो सकती है। खबर है कि आजमगढ़ में पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने आ सकते हैं। दूसरी तरफ योगी सरकार का पूरा प्रयास है कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो जाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव 2022 में होना है और इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का काम पूरा करने का लक्ष्य है। लखनऊ से गाजीपुर तक 354 किलोमीटर का यह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा।

उत्तर प्रदेश में अमित शाह का तूफानी कार्यक्रम
अमित शाह 4 जुलाई को बनारस जाएंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम मीरजापुर जाने का है। बनारस के बाद अमित शाह आगरा जाएंगे, जहां उनकी बैठक ब्रज मंडल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं के साथ होगी। सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक में उत्तर प्रदेश के दलित और पिछड़ों को साथ लाने पर भी गंभीर चर्चा होनी है। माना जा रहा है कि कबीर की मजार पर पीएम मोदी का जाना और यूपी में बीजेपी का दलित और पिछड़ों पर फोकस करने के पीछे संघ का फार्मूला काम कर रहा है। देखना होगा इस नई चुनावी रणनीति से बीजेपी को आखिर कितना फायदा होता है।












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