'राहुल बाबा थकिए मत,अभी तो और हार बाकी है',अमित शाह का बयान चर्चा में, 2029 में सरकार बनाने पर भी दिया हिंट
Amit Shah On Rahul Gandhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान एक बार फिर सियासी गलियारों में गर्मी बढ़ा रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर अमित शाह ने ऐसा तंज कसा, जिसे सीधे तौर पर 2029 की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अहमदाबाद में एक सरकारी कार्यक्रम के मंच से अमित शाह ने न सिर्फ राहुल गांधी पर निशाना साधा, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि बीजेपी 2029 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सत्ता में वापसी का दावा कर रही है।
अमित शाह अहमदाबाद नगर निगम के करीब 330 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना लेकिन बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा, "राहुल बाबा अभी आप हार से थकिए मत। अभी तो आपको बंगाल और तमिलनाडु में भी हारना है। यह तय मान कर चलिए।"

अपने भाषण में अमित शाह का तंज और तीखा हो गया। उन्होंने कहा, ''राहुल बाबा को समझाने की मेरी क्षमता नहीं है। क्योंकि जिन्हें उनकी खुद की पार्टी नहीं समझा पाई, उन्हें मैं कैसे समझा पाऊंगा।''
अमित शाह के इस बयान को कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष 2029 की रणनीति पर चर्चा शुरू कर चुका है।
2029 में सरकार बनाने को लेकर क्या बोले अमित शाह?
अमित शाह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि 2029 में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही देश का नेतृत्व करेंगे। उनके मुताबिक, इसकी वजह बीजेपी की नीतियां और सिद्धांत हैं, जिनसे देश की बड़ी आबादी खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती है। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी की राजनीति सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि फैसलों के जरिए लंबे समय तक देश की दिशा तय करने पर केंद्रित है।
'कांग्रेस ने हर बड़े फैसले का किया विरोध'
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस पर लगातार विरोध की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने गिनाते हुए कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, कांग्रेस ने विरोध किया। पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक हुई, तब भी कांग्रेस सवाल खड़े करती रही।
उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाने, तीन तलाक खत्म करने, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई और कॉमन सिविल कोड जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस हमेशा विरोध में खड़ी रही।
'जनता जिसे पसंद करती है, कांग्रेस उसी का विरोध करती है'
अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जनता जिन फैसलों को पसंद करती है, कांग्रेस उन्हीं का विरोध करती है। फिर ऐसे में कांग्रेस को वोट कैसे मिलेंगे, यह सवाल खुद राहुल गांधी को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्टी की रणनीति सिर्फ विरोध तक सीमित हो जाए, तो वह जनता के बीच भरोसा नहीं बना सकती।
अमित शाह के बयान के सियासी मायने और आने वाले संकेत
अमित शाह का यह बयान सिर्फ राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे 2029 के लिए बीजेपी की शुरुआती चुनावी पिच के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि विपक्ष चाहे जितनी कोशिश कर ले, पार्टी अपने एजेंडे और नेतृत्व को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
वहीं कांग्रेस के लिए यह बयान एक चुनौती की तरह है, जिसमें उसे यह साबित करना होगा कि वह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक ठोस विकल्प भी पेश कर सकती है। कुल मिलाकर, अमित शाह का यह बयान आने वाले वर्षों में और तेज होने वाली राजनीतिक लड़ाई का साफ संकेत देता है, जहां 2029 की जंग की बुनियाद अभी से रखी जा रही है।












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