'विपक्ष से अपील, सदन में बनाएं अनुकूल माहौल', मणिपुर के हालात पर बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर के मौजूदा हालात को लेकर केंद्र ने विपक्ष को पत्र लिखा है। जिसमें संसद के सदन में चर्चा के लिए अनुकूल माहौल बनाने की अपील की गई है।
मणिपुर में जातीय हिंसा की घटनाओं को लेकर केंद्र और राज्य की सख्ती के बावजूद हालात नहीं सुधरे हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों के भीतर कुछ नरमी आई है। लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने सदन में मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की बात कही है। संसद के मानसून सत्र में शुरुआती दौर से ही हंगामे होने चलते अब विपक्ष से सरकार ने सदन में चर्चा का माहौल बनाने की अपील की है। मंगलवार में सदन में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार ने विपक्ष एक पत्र लिखा है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में मणिपुर में जातीय हिंसा के मुद्दे पर गतिरोध जारी है। विपक्ष मणिपुर के मौजूदा हालात को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार कह रही है कि सदन में चर्चा का माहौल चाहती है और विपक्ष चर्चा से हटने की कोशिश में है। मंगलवार (25 जुलाई) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मणिपुर को लेकर चर्चा से सरकार को कोई डर की बात नहीं है। जबकि विपक्ष चर्चा का माहौल ही नहीं बनने दे रहा है।

सदन में गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर के हालात पर चर्चा के लिए लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता को चिट्ठी भी लिखी गई है। उन्होंने कहा, "मणिपुर पर लंबी चर्चा करने के लिए सरकार को कोई डर नहीं है। जनता आपको देख रही है। चुनाव में जाना है। जनता के खौफ को ध्यान में रखें। संवेदनशील मुद्दे के लिए सदन में उचित माहौल बनाए।"
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इसके अलावा गृहमंत्री ने मल्टी स्टेट कोपरेटिव अमेंडमेंट बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को दलितों, महिलाओं के कल्याण और सहकारिता में अब रुच नहीं रही। लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इस साल विजयादशमी या दिवाली से पहले एक नई सहकारी लाने जा रही है, जिसके तहत पुरानी नीति से अधिक पारदर्शी तरीके से लोगों को सहकारिता क्षेत्र की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।












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