'बात को ज्यादा ना खींचे', धनखड़ के इस्तीफे पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, पद छोड़ने की वजह पर क्या बोले गृह मंत्री?
Amit Shah on Jagdeep Dhankhar Resignation: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राजनीति के गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया था। इस्तीफे के पीछे क्या वजह रही, इस पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अब इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर उठ रहे सवालों के बीच अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है।
अमित शाह ने साफ कहा कि धनखड़ ने अपने कार्यकाल में संविधान के मुताबिक ईमानदारी से काम किया और उनका पद छोड़ने का फैसला पूरी तरह से स्वास्थ्य कारणों से जुड़ा है। शाह ने लोगों और विपक्षी दलों से अपील की है कि इस मुद्दे को बेवजह खींचने या किसी नई कहानी गढ़ने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि धनखड़ ने अपने कार्यकाल में संविधान के मुताबिक बेहतरीन काम किया और उनका इस्तीफा पूरी तरह स्वास्थ्य कारणों से जुड़ा है। शाह ने अपील की कि इस मुद्दे को बेवजह तूल न दिया जाए।

'संविधान के अनुसार किया काम'
अमित शाह ने एएनआई से बातचीत में कहा, "धनखड़ जी संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरी निष्ठा से काम किया। उन्होंने व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है, इसलिए इस पर अनावश्यक चर्चा नहीं होनी चाहिए।"
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इस्तीफे के बाद शुरू हुई चर्चाएं
धनखड़ ने जुलाई के अंत में इस्तीफा देकर कहा था कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं और डॉक्टरों की सलाह का पालन कर रहे हैं। हालांकि, इस कदम के बाद सियासी हलकों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।
सूत्रों के मुताबिक, धनखड़ ने कथित तौर पर कुछ विपक्षी नेताओं से राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग नोटिस लाने की अपील की थी, लेकिन सरकार चाहती थी कि यह नोटिस पहले लोकसभा में पेश हो। इसी के चलते इस्तीफे की वजह को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आईं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में धनखड़ के इस्तीफे को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति राज्यसभा में सबसे ज्यादा मुखर रहते थे, वे अचानक खामोश हो गए हैं। इस चुप्पी के पीछे जरूर कोई बड़ी वजह है।"
उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां
धनखड़ के पद छोड़ने के बाद उपराष्ट्रपति का पद खाली हो गया है। अब 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के चुनाव होंगे। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुधर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।
सरकार की अपील- 'अनावश्यक विवाद न करें'
अमित शाह के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार इस्तीफे को पूरी तरह व्यक्तिगत कारण मान रही है। अब देखना होगा कि चुनाव के दौरान इस मुद्दे को लेकर राजनीति और किस तरह से तेज होती है।
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