शाह-नीतीश की मुलाकात, खत्म हो सकती है सीटों के बंटवारे की रार
नई दिल्ली। भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन कार्यक्रम के तहत देशभर में पार्टी के संगठन को मजबूत करने की लगातार कोशिश हो रही है। इसी अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के मुख्यमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। पटना में आज हुई मुलाकात में माना जा रहा है कि कि दोनों नेता सीट बंटवारे से लेकर चल रहा विवाद खत्म हो सकता है। शाह ने आज नीतीश कुमार और सुशील मोदी से मुलाकात की।

रात में होनी है मुलाकात
अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दोनों ही पार्टियों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ शब्दों की जंग जारी है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों के बीच सीट बंटवारे को लेकर तकरार साफ देखने को मिली है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि शाह और नीतीश के बीच किस तरह से इस विवाद का हल निकलता है। इससे पहले शाह ने एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना के साथ बैठक की थी, पिछले कुछ समय से भाजपा और शिवसेना के बीच रिश्ते काफी तल्ख रहे हैं। शाह नीतीश कुमार संग रात्रि के भोजन के दौरान भी मुलाकात करेंगे।

सीटों के बंटवारे पर फंसा है पेंच
गौर करने वाली बात है कि पिछले कुछ दिनों में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए दोनों दलों के बीच तनातनी देखने को मिली है। एक समय में नीतीश ने जिस तरह से नोटबंदी का समर्थन किया था, वह अब इसके खिलाफ अपने तेवर दिखा रहे हैं। जदयू पिछले कुछ दिनों से लगातार बिहार की कुल 30 लोकसभा सीटों में से 25 सीटों की मांग कर रही है। जदयू को इस बात का पूरा भरोसा है कि वह 2009 के अपने प्रदर्शन को दोहरा सकती है और वह उसी फॉर्मूले पर एक बार फिर से सीटों का बंटवारा चाहती है। 2009 में जदयू ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। यही नहीं जदयू इस बात की भी मांग कर रही है कि 2019 के चुनाव में नीतीश कुमार को एनडीए गठबंधन का चेहरा बनाने की मांग कर रही है
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भाजपा याद ने दिलाया 2014
वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने जदयू की मांग खारिज करते हुए कहा है कि 2014 के चुनाव में जदयू को सिर्फ 2 सीट पर जीत मिली थी। जदयू ने भाजपा को अपने तेवर साफ करते हुए कहा है कि अगर नीतीश और जदयू की एनडीए में जरूरत नहीं है तो हम अकेले सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। जिससे दोनों दलों के बीच रार और भी बढ़ सकती है। लेकिन जिस तरह से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार के खिलाफ बयान दिया था उसने स्थिति को और खराब किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि नीतीश सरकार हिंदुओं पर अत्याचार कर रही है और उन्हें गलत तरह से दंगों के मामले में फंसा रही है। मित शाह और नीतीश कुमार के बीच होने वाली बैठक पर आरजेडी ने भी चुटकी ली है। आरजेडी ने कहा कि यह एक और उदाहरण है जब नीतीश कुमार सत्ता के लिए समझौता कर रहे हैं।
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