Assam News: कामाख्या मंदिर पहुंचे अमित शाह, मां की पूजा-अर्चना की, हिमंत बिस्वा सरमा भी रहे मौजूद, VIDEO
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) रविवार को असम के गुवाहाटी में मां कामाख्या (Maa Kamakhya) के दरबार पहुंचे। उन्होंने मंदिर में मां कामाख्या की पूजा-अर्चना की।
Amit Shah in Assam: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) रविवार को असम के गुवाहाटी में मां कामाख्या (Maa Kamakhya) के दरबार पहुंचे। उन्होंने मंदिर में मां कामाख्या की पूजा-अर्चना की। उनके साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) भी मौजूद रहे। अमति शाह अभी तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। पूर्वोत्तर राज्यों में बीजेपी ने चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले गृह मंत्री सिक्किम का दौरा किए थे।
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साथ ही अपने दौरे के दौरान अमित शाह नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नॉर्थ ईस्ट राज्यों में नशीली पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सभी अधिकारियों से बैठक में चर्चा करेंगे। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह के साथ पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डीजीपी भी शामिल होंगे।
गुवाहाटी में बीजेपी के नए कार्यालय का उद्घाटन
वहीं, इससे पहले अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुवाहाटी के बेलटोला में पार्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने लोगों को संबोधित भी किया। अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान एक शुरूआती दिनों का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते समय उन्हें बहुत पीटा गया था।
'मुझे बहुत पीटा गया था', अमित शाह ने सुनाया किस्सा
अमित शाह ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता हितेश्वर सैकिया के कार्यकाल के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं की गई पिटाई का किस्सा शेयर किया। अमित शाह ने कहा कि, कभी मैं यहां एबीवीपी के कार्यक्रम में आया था। तब हमें हितेश्वर सैकिया ने बहुत पिटवाया था। हम नारे लगाते थे- असम की गलियां सूनी है, इंदिरा गांधी खूनी है। तब सोचा नहीं था कि कभी इसी असम में लगातार 2 बार बीजेपी की सरकार बनेगी।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि, राहुल गांधी का 2019 के चुनावों में ये एजेंडा था कि, अगर वह सत्ता में आते हैं तो नॉर्थ ईस्ट से अफस्पा (AFSPA) हटा देंगे। वह तुष्टिकरण के लिए था। जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि हम पहले पूर्वोत्तर में शांति लाएंगे और फिर अफ्सपा हटाएंगे लेकिन केवल तुष्टिकरण के लिए यह नहीं करेंगे।
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