जम्मू कश्मीर में परिसीमन कराने पर विचार कर रहे हैं अमित शाह, बदलेगा विधानसभा सीटों का गणित
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में परिसीमन कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह गंभीरता से विचार कर रहे है। इसकी वजह जम्मू क्षेत्र है। जम्मू क्षेत्र में यह महसूस किया जा रहा है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है क्योंकि कश्मीर घाटी में पूर्व की तुलना में अधिक विधानसभा सीटें हैं। इसके अलावा लद्दाख क्षेत्र से भी भेदभाव की बातें आ रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में हो सकता है परिसीमन
सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय जम्मू और कश्मीर की विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन आयोग के गठन प विचार कर रहा है। ये आयोग विधानसभा क्षेत्रों का अध्ययन करके अपनी सिफारिश देगा। आयोग राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आबादी और क्षेत्रों पर ध्यान देगा और प्रासंगिक सिफारिशें रखेगा। इस आयोग की रिपोर्ट के बाद जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों के आकार पर विचार हो सकता है और साथ में कुछ सीटें SC(अनुसूचित जाति) कैटगरी के लिए रिज़र्व की जा सकती हैं।

सत्यपाल मलिक ने शाह को सौंपी रिपोर्ट
गौरतलब है कि तीन दिन पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गृह मंत्री अमित शाह और पी मोदी से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक मलिक ने शाह से मुलाकात के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर पर तीन पन्नों की एक रिपोर्ट भी सौंपी थी। इस रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में नए परिसीमन की बात कही गई है। इस रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से परिसीमन के लिए आयोग बना सकता है।

कश्मीर में सबसे ज्यादा सीटें
मौजूदा समय में जम्मू कश्मीर के कश्मीर से सबसे ज्यादा 46 विधानसभा सीटें आती हैं। वहीं जम्मू से 37 और लद्दाख क्षेत्र से 4 सीटें आती हैं। मोदी सरकार का मानना है कि जम्मू-कश्मीर का मौजूदा परिसीमन ठीक नहीं है और जम्मू क्षेत्र के साथ न्याय नहीं हो रहा। ऐसे में सरकार का मानना है कि नए परिसीमन से क्षेत्रीय भेदभाव को खत्म किया जा सकता है।












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