अमित शाह ने विपक्ष की तुलना सांप-नेवले से करने पर दी ऐसी सफाई, अब नाम भी ले रहा हूं
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर जिस तरह से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष के नेताओं की तुलना सांप, बिच्छू, नेवला, बिल्ली आदि से की उसके बाद से लगातार निशाने पर हैं। अपने बयान के बाद हुए बवाल के बाद अमित शाह ने इसपर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा कहने का मतलब था कि अलग-अलग विचारधारा के लोग मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव के लिए तमाम दल भाजपा और मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं।

बयान पर सफाई
अमित शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मेरे कहने का अर्थ यह था कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एकजुट हो रहे हैं, जो दल कभी एकसाथ नहीं आ सकते थे, वह भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। इसमे सपा-बसपा, टीडीपी-कांग्रेस, कांग्रेस-टीएमसी आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारधाराओं की पार्टी मोदी के डर की वजह से एकजुट हो रहे हैं। यह ऐसे ही है जैसे कभी सांप और नेवला साथ नहीं आ सकते हैं। शाह ने कहा कि लेकिन अगर मेरे बयान से किसी को दुख पहुंचा है तो मैं उन सबका नाम ले रहा हूं, मेरे बयान में कुछ भी गलत नहीं है, आप मेरे बयान को गलत तरीके से मत पेश कीजिए।
क्या है विवाद
आपको बता दें कि मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि मोदी से डरकर विपक्ष एकता की बात कह रहा है। शाह ने कहा कि विपक्षी नेताओं का एक साथ आना ऐसा ही है, जैसे बाढ़ आने पर सांप, बिच्छू, नेवला, बिल्ली, कुत्ते वगैरह सब जानवरों का आपसी लड़ाई भूलकर जान बचाने को एक ही पेड़ पर चढ़ जाना। शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियत बाढ़ की तरह है जिसमें विपक्ष बह गया है
शिवसेना का साथ मांगा था
शाह ने कहा कि 10 सदस्यों से शुरू हुई भाजपा आज 11 करोड़ सदस्यों वाली पार्टी है। हमने केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। वहीं शिवसेना से गठबंधन को लेकर मीडिया से बातचीत में अमित शाह ने कहा है कि हम शिवसेना के साथ रहना चाहते हैं। शाह ने कह कि मेरी हार्दिक इच्छा है कि हम और शिवसेना साथ रहें।
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