'नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गए', राहुल गांधी पर अमित शाह का प्रहार, खोल दिया पूरा काला चिट्ठा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक करियर में "नक्सलवाद का समर्थन" किया है। इसके साथ ही शाह ने कांग्रेस पर दशकों तक नक्सलियों का समर्थन करने और नरसंहार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
शाह ने वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने पर एक बहस के दौरान ये बात कही। शाह ने गांधी पर कई मौकों पर नक्सलियों व हमदर्दों से 'मुलाकात' करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सली अग्रिम संगठनों ने भाग लिया। गृह मंत्री ने कहा, "राहुल गांधी कई मौकों पर नक्सलियों और उनके हमदर्दों के साथ देखे गए हैं।"

नक्सलियों का समर्थन करके राहुल गांधी कैसे बच सकते हैं?
गृह मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा इंडिया गेट पर हुए एक विरोध प्रदर्शन वीडियो को दोबारा पोस्ट करने की आलोचना की। इस प्रदर्शन में खूंखार नक्सली नेता मदवी हिडमा के समर्थन में नारे लगे थे। हिडमा को पिछले साल नवंबर में आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। शाह ने कहा, "जब हिडमा मारा गया, तो इंडिया गेट पर नारे लगे कि 'कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा'। राहुल गांधी ने वह वीडियो ट्वीट किया। वे कैसे बच सकते हैं?"
शाह बोले- कांग्रेस 70 के दशक से नक्सलवाद का कर रही समर्थन
शाह ने आरोप लगाया कांग्रेस ने सत्तर के दशक से नक्सलवाद का समर्थन किया है, उसकी वामपंथी विचारधारा 20,000 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है। याद रहे 70 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रतिनिधित्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
"नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गए हैं"
अमित शाह ने कांग्रेस पर 1970 से मार्च 2026 तक नक्सलवाद और नरसंहार का समर्थन करने का आरोप लगाया, जिसमें 20 हजार लोग मारे गए। उनके अनुसार, वामपंथी विचारधारा वाली कांग्रेस पार्टी इसका सबसे बड़ा दोषी है, जो नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गई है। शाह ने साफ किया कि इसका जवाब जनता चुनावों में देगी और यह मामला जनता की अदालत में जाएगा।
20,000 मौतों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया
गृह मंत्री ने कांग्रेस को एक बार फिर 1970 के दशक से नक्सलवाद के समर्थन के लिए "20,000 लोगों की मौत" के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया, "उन्होंने सत्तर के दशक से अब तक नक्सलवाद का समर्थन किया है। कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा 20,000 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है।"
राहुला ने नक्सली लाडो के साथ साझा किया था मंच
इसके साथ ही अमित शाह ने 2010 की ओडिशा घटना का जिक्र किया, जब राहुल गांधी ने नक्सली नेता लाडो सिकोका के साथ मंच साझा किया। शाह ने बताया कि सिकोका ने उसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया और राहुल गांधी को माला भी पहनाई।
शाह ने चिदंबरम पर भी साधा निशाना
शाह ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने 2010 के दंतेवाड़ा माओवादी हमले में 76 जवानों की शहादत के बाद चिदंबरम की टिप्पणी पर जोर दिया। शाह ने कहा, "76 जवानों के मारे जाने के बाद, चिदंबरम ने कहा, 'हम आपसे (नक्सलियों से) हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते क्योंकि हम जानते हैं कि आप ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि आप सशस्त्र मुक्ति संग्राम में विश्वास करते हैं'। इस देश को कैसे चलाया गया है?"
अमित शाह ने नक्सलवाद का सफाया करने का किया दावा
अमित शाह ने दावा किया कि सरकार ने इस साल 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने विश्वास से कहा, "हमारा लक्ष्य 31 मार्च तक क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाना था। पूरी प्रक्रिया के बाद राष्ट्र को सूचित करेंगे, लेकिन मैं पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि हम वास्तव में नक्सल मुक्त हो चुके हैं।" अमित शाह ने बातचीत की वकालत करने वालों को एक साफ संदेश दिया: सरकार की नीति स्पष्ट है - जो हथियार डालेगा, उसी से चर्चा की जाएगी और उसका पुनर्वास भी होगा।
कौन था हिडमा?
याद रहे मदवी हिडमा पिछले दो दशकों में कई बड़े माओवादी हमलों में शामिल रहा, जिनमें 2010 दंतेवाड़ा नरसंहार (76 सीआरपीएफ जवान शहीद), 2013 झीरम घाटी हमला (महेंद्र कर्मा, नंद कुमार पटेल और विद्या चरण शुक्ल सहित 27 कांग्रेस नेता मारे गए) और 2017 सुकमा घात लगाकर हमला (37 अर्धसैनिक जवान शहीद) प्रमुख थे। उसकी गिरफ्तारी पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था।












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