Doctors Protest: आजादी के जश्न के बीच सड़कों पर डॉक्टर्स, 'कोलकाता की निर्भया' के लिए न्याय की मांग
Protest For Kolkata Lady Doctor: एक तरफ जहां आजादी के 78वें स्वतंत्रता दिवस पर पूरा देश तिरंगे के रंग से रंगा हुआ नजर आ रहा है तो दूसरी तरफ कोलकाता में हुई लेडी डॉक्टर के साथ दरिंदगी को लेकर पूरे देश के डॉक्टर सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी से पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। डॉक्टर्स के साथ अब लोग भी फांसी की सजा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

हालांकि बंगाल हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। इसी के साथ जांच में तेजी दिखाते हुए सीबीआई की टीम भी कोलकाता के अस्पताल पहुंची, जहां अपनी जांच के बाद अस्पताल से बुधवार देर रात रवाना हुई।
इस बीच बंगाल में डॉक्टरों ने अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तक डॉक्टर्स का साथ अब महिलाओं ने भी दे दिया है। बुधवार रात 11 बजे देश के शीर्ष संस्थान की महिलाओं ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद की।
रात में देशभर में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली: कोलकाता घटना के खिलाफ महिलाओं ने AIIMS दिल्ली के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
कोलकाता के श्याम बाजार में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
दिल्ली के सीआर पार्क में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और मशाल रैली निकाली।
कोलकाता के जादवपुर में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
FAIMA अध्यक्ष का वनइंडिया पर बयान
देशभर के रेजिडेंट्स डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है। इस बीच FAIMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रोहन कृष्णन ने वनइंडिया से कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। हमें सीबीआई जांच से उम्मीद है। उन्होंने कहा कि घटना को आत्महत्या बताने की कोशिश संदेह पैदा करती है।
उन्होंने लेडी डॉक्टर की हत्या को लेकर कहा कि अफवाहें इस बात की प्रबल संभावना जताती हैं कि इसके पीछे प्रभावशाली व्यक्तियों का हाथ हैं। साथ ही मांग करते हुए कहा कि पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर करने के बजाय निलंबित किया जाना चाहिए।
उन्होंने मेडिकल और हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए।












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