Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Amethi Lok Sabha Result: पलट गई बाजी या कांग्रेस के लिए अब 'स्मृति' ही रह गई अमेठी! कौन जीत रहा चुनाव?

Amethi Lok Sabha Election Result: यूपी में अबतक के चुनावों में हर चरण में 2019 के मुकाबले कम मतदान का ट्रेंड नजर आया है। लेकिन, अमेठी लोकसभा सीट के चुनावी आंकड़े ने अलग ही ट्रेंड सेट किया है।

अमेठी लोकसभा सीट पर पिछली बार के मुकाबले वोट डालने वाले कुल मतदाताओं की संख्या (absolute number of voters) और मतदान प्रतिशत दोनों में ही मामूली ही सही, लेकिन थोड़ी बढ़ोतरी ही दर्ज हुई है।

lok sabha election result

2024 में अमेठी में 2019 से ज्यादा मतदान
चुनाव आयोग ने 25 मई, 2024 को जो ईवीएम में डाले गए वोटों के आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक अमेठी में इस बार 54.34% वोटिंग हुई है। यानी उत्तर प्रदेश की इस हाई-प्रोफाइल लोकसभा सीट पर कुल 17,96,098 मतदाताओं में से 9,76,053 वोटरों ( पोस्टल बैलेट से हुए मतदान के आंकड़े शामिल नहीं) ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।

2019 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी की मौजूदा सांसद और प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने यहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 55,120 वोटों से हराया था, तब इस सीट पर कुल 54.05% मतदान हुआ था। 17वीं लोकसभा के चुनाव के समय अमेठी में कुल मतदाताओं की संख्या 17,43,515 थी। इनमें से 9,42,453 वोटरों ने मतदान में हिस्सा लिया था। मतलब इस बार 33,600 ज्यादा वोट पड़े हैं और पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद यह संख्या और बढ़नी तय है।

अमेठी में ईरानी बनाम गांधी परिवार हुआ चुनाव
एक बात तय है कि भले ही अमेठी से चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी दोबारा यहां से चुनाव लड़ने की सियासी साहस नहीं दिखा पाए हों, लेकिन जिस तरह से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के लिए प्रचार किया है, उससे कमोवेश यह चुनाव भी बीजेपी या ईरानी बनाम गांधी परिवार ही माना जा सकता है।

स्मृति ईरानी ने अमेठी लगातार बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया
2019 में बीजेपी की स्मृति से शिकस्त खाने से पहले राहुल गांधी यहां से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके थे। जब 2014 में जब बीजेपी ने यहां से स्मृति ईरानी को मौजूदा कांग्रेस के गांधी-नेहरू परिवार का गढ़ छीनने के काम पर लगाया तो वह उनसे 1,07,903 वोटों से हारी थीं।

10 वर्षों में स्मृति ईरानी ने अमेठी से जोड़ा गहरा रिश्ता
पांच वर्षों में भाजपा प्रत्याशी ने यहां कांग्रेस के बड़े चेहरे के खिलाफ अगर 1 लाख 63 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाई तो इसके पीछे वजह ये रही कि वह अमेठी आईं तो यहीं की होकर रह गईं। उन्होंने उसके बाद कभी अमेठी से खुद को दूर नहीं किया है। उन्होंने यहां अपना घर भी बना लिया और यहीं की मतदाता भी बन गईं।

कांग्रेस ने आखिरी समय तक कार्यकर्ताओं को भी अंधेरे में रखा
अमेठी सीट पर कांग्रेस की मुश्किल ये है कि जहां भाजपा की प्रत्याशी पहले से ही तय थीं। लेकिन, उसने राहुल गांधी की उम्मीदवारी के चक्कर में यहां नामांकन के अंतिम वक्त तक अपने कार्यकर्ताओं को भी अंधेरे में ही रखा। उन्हें पता ही नहीं था कि यहां से राहुल लड़ेंगे या प्रियंका गांधी वाड्रा दांव आजमाएंगी या फिर उनके पति रॉबर्ट वाड्रा को सोनिया गांधी के दामाद होने का आशीर्वाद मिलेगा।

अमेठी में कांग्रेस से रेस में बीजेपी दिखी आगे
वैसे अमेठी के कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा इलाके में किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी पार्टी संगठन पर भी अच्छी पकड़ बताई जाती है। लेकिन, अगर उन्हें पार्टी ने पहले ही भनक दी होती तो शायद वह खुद के लिए और ज्यादा मेहनत करने में सक्षम थे।

लेकिन, जब अंतिम समय में उम्मीदवारी की जानकारी मिली हो और प्रमुख प्रतिद्वंद्वी उनके नेता को ही हराकर सीट छोड़ने को मजबूर कर चुकी हो तो लड़ाई बराबरी की रही होगी यह कहना अतिशयोक्ति होगी। बहरहाल, अमेठी के मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है और 4 जून को इस सीट के चुनाव परिणाम पर औपचारिक मुहर भी लगनी तय है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+