करतारपुर कॉरिडोर: अमरिंदर सिंह बोले- भारत का एजेंडा धार्मिक, लेकिन पाकिस्तान के मंसूबे खतरनाक
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि, करतापुर कॉरिडोर के पीछे भारत का एजेंडा धार्मिक है लेकिन पाकिस्तान के मंसूबे खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि, पाक पीएम शांति की बात करते हैं, लेकिन उनके सेना प्रमुख भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे है। हाल ही के महीनों में पंजाब में आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल को पकड़ा गया है। जो बताते हैं कि, पाकिस्तान की नियत कैसी है।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि, करतारपुर कॉरिडोर खोलने के पीछे पाकिस्तान की मंशा पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उनका उनका एजेंडा नापाक, राजनीतिक है और इसका उद्देश्य सिखों की भावनाओं का ठेस पहुंचाना है। कॉरिडोर पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सभी के लिए हैं, जो कि सिखों के लिए भक्ति का विषय है। इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। पाकिस्तान इसे अलग इरादे से कर रहा है, जिसका शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय वायु सेना द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आने वाले चुनावों में लाभ होगा? इस पर अमरिंदर ने कहा कि देश में कांग्रेस या कोई अन्य पार्टी की सरकार होती तो वह भी पुलवामा हमले का पाकिस्तान को जवाब देती। सरकार ने सिर्फ अपना काम किया है, जो कांग्रेस की सरकारों ने अतीत में भी किया था। मोदी सरकार ने ऐसी कार्रवाई के लिए बस एक नया मुहावरा - सर्जिकल स्ट्राइक गढ़ा है।
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर अमृतसर के अटारी सीमा पर आधिकारिक बैठक हो चुकी है। इस दौरान भारत ने रोजाना 5000 श्रद्धालुओं के प्रवेश की मांग रखी थी। वहीं विशेष मौके पर 15000 श्रद्धालुओं के प्रवेश का प्रस्ताव रखा। जबकि पाकिस्तान केवल 500 सिख तीर्थ यात्रियों के प्रवेश की बात कह रहा है और यह यात्री 15 जत्थे में रवाना होंगे।
इस बीच ये भी खबर सामने आई है कि, पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा और उसके आसपास की जमीन पर अतिक्रमण किया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारत सरकार ने पाकिस्तान से उस कब्जा की हुई जमीन को गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को जल्द से जल्द वापस करने के लिए कहा है। गुरुद्वारे के लिए नलोवाल में यह जमीन महाराजा रणजीत सिंह और कुछ सिख सेवकों ने दान की थी। बताया जा रहा है कि पाक सरकार ने अलग-अलग समय पर इसके कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया। भारतीय अधिकारियों ने गुरुद्वारे को उसकी कानूनी जमीन ले लेने का विरोध जताते हुए इसे गुरुनानक देव जी के भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ बताया।












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