CDS बिपिन रावत का गार्ड ऑफ ऑनर आज, तीनों सेनाध्यक्ष रहेंगे मौजूद
नई दिल्ली। जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बन गए हैं। रक्षा प्रमुख के पद पर वे तीनों सेनाओं में समन्वय कायम रखने का काम करेंगे। जनरल रावत बुधवार से देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभालने जा रहे हैं। रावत 1 जनवरी 2020 को सुबह 10 बजे तीनों सेनाओं की सलामी लेंगे। रावत रक्षा मंत्रालय के सलाहकार के रूप में काम करेंगे।

जनरल बिपिन रावत मंगलवार को सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो गए। इस दौरान उनके सम्मान में साऊथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं दी साथ ही सेने के सभी जवानों को भी धन्यवाद कहा। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए जनरल बिपिन रावत ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सहयोग देने के लिए भारतीय सेना के सभी जवानों और अफसरों को शुक्रिया।
जनरल रावत 31 मार्च, 2023 तक सीडीएस रहेंगे। जनरल रावत 16 दिसंबर, 1978 को 11 गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त हुए थे और एक जनवरी, 2017 से देश की थल सेना के प्रमुख हैं। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को थल सेना, नौसेना और वायुसेना के नियमों में संशोधन किया था। संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 65 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं देगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद, उसके विशेषाधिकार और कर्तव्य गठित किए थे।
थियेटर कमांड को निर्देश दे सकेंगे जनरल रावत
सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों से भी ऊपर की रैंक है। सीडीएस की कुर्सी पर आने के बाद जनरल रावत के पास पहली जिम्मेदारी होगी कि वह तीनों सेनाओं के बीच एकीकरण और सेनाओं के बीच आपसी सामंजस्य को कायम करने में ध्यान देंगे। इसके अलावा रक्षा खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी भी अब जनरल रावत पर होगी। उनका जिम्मा होगा कि वह खरीद प्रक्रिया को जितना छोटा कर सकते हैं, कर दें। सीडीएस की यह जिम्मेदारी भी होगी कि वह सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों को युद्ध या संकट की स्थिति में थियेटर कमांड बनाने की अथॉरिटी दे सके।












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