'सारे आरोप हैं निराधार, राजनीति से प्रेरित', PPE किट खरीद घोटाले को लेकर आरोपों पर बोले येदियुरप्पा
कोरोना महामारी के दौरान चीन से आयात की गई पीपीई किट खरीद से कथित घोटाला मामले में जॉन माइकल डी'कुन्हा आयोग की रिपोर्ट के बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच चीनी कंपनियों से 3 लाख पीपीई किट की सीधी खरीद को लेकर अपने ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर येदियुरप्पा ने कहा है कि केवल यह यह रिकॉर्ड के साथ ये दिखाने की लिए छेड़छाड़ की गई कि मुख्यमंत्री ने कार्योत्तर मंजूरी दी थी।
बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मार्च और अप्रैल 2020 में पीपीई किट, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की बड़ी खरीद को मंजूरी दी। इन्हें ज्यादातर चीनी आपूर्तिकर्ताओं, डीएचबी ग्लोबल और बिग फार्मास्यूटिकल्स से कहीं अधिक कीमतों पर खरीदा गया था। जो स्थानीय कंपनियों द्वारा पेश किए जाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मार्च और अप्रैल 2020 में पीपीई किट, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की बड़ी खरीद को मंजूरी दी। इन्हें ज्यादातर चीनी आपूर्तिकर्ताओं, डीएचबी ग्लोबल और बिग फार्मास्यूटिकल्स से कहीं अधिक कीमतों पर खरीदा गया था। जो स्थानीय कंपनियों द्वारा पेश किए जाते हैं। मामले की जांच के लिए जॉन माइकल डी'कुन्हा आयोग अयोग गठित किया गया। जांच पूरी होने के बाद आयोग ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की।
अधिकारियों ने तर्क दिया कि स्थानीय आपूर्तिकर्ता मांग को पूरा नहीं कर सकते, लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि प्लास्टी सर्ज इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों ने पीपीई किट बहुत कम दरों पर बेचीं - शुरुआत में 330.40 रुपये प्रति किट, जो बाद में बढ़कर 725 रुपये हो गई। तुलनात्मक रूप से, डीएचबी ग्लोबल ने लगभग 2,117.53 रुपये प्रति किट का शुल्क लिया। ।
वहीं मामले में एक्शन को लेकर येदियुरप्पा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बी. श्रीरामु एक बयान दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि आरोप मनगढंत हैं।












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