राम स्वरूप शर्मा: नहीं मिला सुसाइड नोट, मौके पर मौजूद स्टाफ ने बताई पूरी कहानी
नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और हिमाचल की मंडी सीट से सांसद राम स्वरूप शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। उनका शव दिल्ली स्थित उनके आवास में फंदे से लटकता हुआ मिला। पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही, लेकिन प्रारंभिक जांच में ये आत्महत्या का मामला लग रहा। वहीं फॉरेंसिक डिपार्टमेंट की टीम ने भी मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। उनके करीबियों के मुताबिक सांसद लंबे वक्त से अपने खराब स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते थे।
Recommended Video

अंदर से बंद था दरवाजा
वहीं सांसद की आत्महत्या वाली बात पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि मौके पर पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला। साथ ही आत्महत्या के कारणों का भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनके स्टाफ ने बताया कि वो आज सुबह शर्मा के कमरे के पास गए तो वो अंदर से लॉक मिला। काफी देर तक उन्होंने आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। पुलिस की टीम ने जब दरवाजा तोड़ा तो सभी हैरान रह गए। सांसद का शव कमरे में फंदे से लटक रहा था।

कैसा रहा राजनीतिक सफर?
निजी जिंदगी की बात करें तो राम स्वरूप शर्मा का जन्म 10 जून 1958 को हुआ था। शुरू से ही वो हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के जाने माने नेता थे। इसके अलावा उन्होंने लंबे वक्त तक आरएसएस के साथ भी काम किया। राजनीतिक जीवन की शुरूआत में वो बीजेपी के जिला आयोजन सचिव रहे। इसके बाद उनको प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी मिली। बाद में संगठन महामंत्री बनकर बीजेपी को हिमाचल में मजबूत करने का काम किया।

2014 में पहली बार बने सांसद
साल 2014 उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट था, जहां उन्होंने मंडी लोकसभा सीट पर बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वो विदेशी मामलों की संसदीय समिति के स्थायी सदस्य चुने गए। साथ ही उनको पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय की परामर्श समिति का सदस्य बनाया गया। इसके बाद उन्होंने पहाड़ के लिए तेजी से काम किया और मंडी के लिए ईको-टूरिज्म का प्लान बनाया। वहीं जो नमक की खदानें वित्तीय संकट की वजह से बंद हो गई थीं, उनको भी फिर से शुरू करने का काम शर्मा ने करवाया।

रिकॉर्ड वोटों से दर्ज की जीत
2014 की जीत के बाद उन्होंने काफी अच्छा काम किया, जिस वजह से पार्टी ने 2019 के चुनाव में उन पर दोबारा भरोसा जताया। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा को करीब 4 लाख मतों के भारी अंतर से हराया था। ये जीत मंडी लोकसभा सीट की सबसे बड़ी जीत रही। शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी चंपा शर्मा और तीन बेटे हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे। वहीं उनके पैतृक आवास पर भी संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है।












Click it and Unblock the Notifications