महाराष्ट्र में फडणवीस के शपथ ग्रहण पर बोले अखिलेश- अब तो जिसका गवर्नर, उसकी सरकार

महाराष्ट्र पर बोले अखिलेश- अब तो जिसका गवर्नर, उसकी सरकार

नई दिल्ली। शनिवार सुबह महाराष्ट्र की राजनीति में आए नाटकीय घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार तो अब उसी पार्टी की बन रही है, जिसका राज्यपाल समर्थन कर रहा है। महाराष्ट्र को लेकर हुए सवाल पर उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, अब तो लगता है कि जिसका गवर्नर, उसकी सरकार।

अखिलेश ने इशारे में उठाया राज्यपाल की भूमिका पर सवाल

अखिलेश ने इशारे में उठाया राज्यपाल की भूमिका पर सवाल

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार रात के बारह बजे मिलने पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने सरकार बनाने को लेकर दावा किया। रात में केंद्र से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की गई और रात में ही तैयारियां कराकर सुबह साढ़े सात बजे शपथ ग्रहण कराया गया। इसी को लेकर अखिलेश ने राज्यपाल की भूमिका पर इशारे में तंज किया है।

शिवसेना उठा चुकी राज्यपाल की भूमिका पर सवाल

शिवसेना उठा चुकी राज्यपाल की भूमिका पर सवाल

इससे पहले शिवसेना भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर भाजपा की ओर झुके होने का आरोप लगा चुकी है। शिवसेना कह चुकी है कि उसे राज्यपाल ने ठीक से समय नहीं दिया।

शनिवार सुबह भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सीएम और एनसीपी के अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है। अजित पवार ने एनसीपी के विधायकों का समर्थन होने की बात कही है लेकिन पार्टी प्रमुख शरद पवार ने इसको पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा को महाराष्ट्र में 30 नवंबर तक बहुमत साबित करना है। जबकि उसके पास आंकड़े से 40 विधायक कम हैं। ऐसे में उसकी निगाह इस बात पर है कि अजित पवार के साथ एनसीपी के कितने विधायक आते हैं।

क्या है महाराष्ट्र में फिलहाल दलों की स्थिति

क्या है महाराष्ट्र में फिलहाल दलों की स्थिति

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे। जिसमें बीजेपी के 105 और शिवसेना के 56 विधायक जीते हैं। कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटों पर जीत मिली। बहुमत के लिए यहां 145 सीटों की जरूरत है, ऐसे में साफ है कि कोई एक पार्टी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकी। अब देवेंद्र फडणवीस के सीएम पद की शपथ लेने के बाद पार्टी बहुमत साबित करने का दावा कर रही है तो दूसरी पार्टियों को टूट का डर भी है।

भाजपा-शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों दलों की सीटें भी बहुमत के आंकड़े से ज्यादा हैं लेकिन नतीजे आने के बाद शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर अड़ी गई, वहीं भाजपा इस पर तैयार नहीं हुई। इसी को लेकर नई सरकार का रास्ता साफ नहीं हो पाया। महाराष्ट्र में 12 दिसंबर को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। इसके बाद एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के बीच सरकार बनाने को बातचीत चल रही थी। इसी बीच शनिवार सुबह अचानक ही अजित पवार ने समर्थन की बात कही और देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ ले ली।

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