एयरसेल मैक्सिस: जांच में सहयोग न करने के आरोपों को चिदंबरम ने किया खारिज
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि वे एयरसेल-मैक्सिस भ्रष्टाचार मामले में जांच एजेंसियों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसियों ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं पर दाखिल जवाब में यह आरोप लगाया था। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि वे एयरसेल-मैक्सिस भ्रष्टाचार मामले में जांच एजेंसियों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसियों ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं पर दाखिल जवाब में यह आरोप लगाया था।

चिदंबरम और कार्ति ने वकीलों पीके दुबे और अर्शदीप सिंह के जरिये दायर अपने प्रत्युत्तरों में कहा कि सीबीआई और ईडी के आरोपों में दम नहीं है और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। अदालत ने सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज दोनों मामलों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी से छूट 26 नवंबर तक बढा दी। अपने जवाब में दोनों एजेंसियों ने कहा था कि चिदंबरम और कार्ति को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरूरत है क्योंकि वे सवालों के सीधे सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
एयरसेल मैक्सिस डील केस : सीबीआई और ईडी ने कहा था, सहयोग नहीं कर रहे पिता-पुत्र
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी के समक्ष चिदंबरम और कार्ति की ओर से अधिवक्ता पीके दुबे और अधिवक्ता अर्शदीप सिंह ने यह जवाब दाखिल किया। इस जवाब में कहा गया है कि सीबीआई और ईडी का आरोप पूरी तरह निराधार है। उनके मुव्वकिलों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। अदालत ने इस मामले में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक 26 नवंबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई व ईडी ने जमानत याचिका पर जवाब में कहा है कि इस मामले की जांच के लिए पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मई 2018 में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।












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