एयर इंडिया फ्लाइट: मध्य पंक्ति में फैमिली के साथ बैठने के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे
बता दें कि एयर इंडिया लगातार घाटे में चल रही है। जिससे सरकार काफी चिंतित है।
नई दिल्ली। एयर इंडिया ने ऐसे लोगों के जरिए अपना रेवेन्यू बढ़ाने की आजमाइश शुरु की है जो परिवार के साथ हवाई सफर करना पसंद करते हैं। सोमवार को एयर इंडिया ने सीट सेलेक्शन फी या फैमिली फी के नाम पर अधिक फी वसूल करने के लिए सर्कुलर जारी किया है। जिसके मुताबिक एयर इंडिया विमान के अंदर बीच की पंक्ति में भी परिवार और बच्चों के साथ बैठने की सुविधा देने के एवज में यात्रियों से अधिक फी वसूल करेगा। इससे पहले, यह केवल लंबी दूरी की उड़ानों पर सामने वाली पंक्ति की सीटों के लिए अधिक शुल्क लिया जाता था।

एयर इंडिया की तरफ से ट्रैवल एजेंट्स को जारी किए गए सर्कुलर में मध्य की पंक्ति में भी सीट सेलेक्शन का ऑप्शन देने को कहा गया है ताकि अपने बच्चों के साथ में बैठकर सफर करने की इच्छा रखने वाले यात्रियों से अधिक फी वसूले जा सके। सीट सेलेक्शन का फार्मूला नया नहीं है। दुनिया के कई देशों में ऐसा किया जाता है। भारत में भी 2016 से ही किया जा रहा है लेकिन मध्य की पंक्ति में सीट सेलेक्शन का फार्मूला नया है। फैमिली सीट के लिए डोमेस्टिक और इंटरनेशल फ्लाइट की दरें अलग-अलग बताई गई है। रुट्स के हिसाब से दरें तय की गई है। मध्य की पंक्ति में फैमिली सीट बुक कराने के लिए रूट के मुताबिक यात्रियों को 100 से 1500 रूपए तक अधिक शुल्क देनी पड़ सकती है। विंडो सीट के लिए भी ज्यादा फी लेने का प्रावधान है।
बता दें कि एयर इंडिया लगातार घाटे में चल रही है। जिससे सरकार काफी चिंतित है। यही वजह है कि सरकार एयर इंडिया का निजीकरण कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल एयर इंडिया के निजीकरण को मंजूरी दे चुका है। साथ ही एयर इंडिया में 49 फीसदी विदेशी निवेश को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। सरकार साल 2012 से अब तक एयर इंडिया में करीब 23 हजार करोड़ रुपये की भारी पूंजी लगा चुकी है।












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