कोरोना वायरस: खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए एयर इंडिया और नौसेना ने कर ली पूरी तैयारी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया पर अपना कहर बरपाया है। भारत में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 29000 पार कर चुकी है। वहीं 900 से ज्यादा लोग जान गवां बैठे हैं। विश्व के तमाम देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को विभिन्न विमामों से अपने देश लाया गया है लेकिन अभी भी खाड़ी देशों में कुछ लोग फंसे हुए हैं। इनको वापस लाने के लिए एयर इंडिया और नेवी को तैयार किया गया है। हालांकि खाड़ी देशों में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अभी इनको रोक दिया गया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सरकार के शीर्ष सूत्रों ने कहा, " हम लोग भारतीय नागरिकों को खाड़ी देशों से निकालने का प्लान बना रहे हैं। अभी हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और उसी के हिसाब से तैयारी कर रहे हैं। हमने एयर इंजिया और भारतीय नौ सेना को भी कहा है कि वो अपनी विस्तृत योजना बनाएं। ऐसी रिपोर्ट आने के बाद दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत विपुल ने स्थानीय अखबार खलीज टाइम्स से कहा, "हम अभी भी इस मामले पर दिल्ली से आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
निकासी का तरीका भारत सरकार द्वारा तय किया जाएगा और मुझे यकीन है कि एयर इंडिया इस मिशन में शामिल होगा। भारतीयों को वापस ले जाने के लिए नौसेना की भूमिका होगी इसकी जानकारी मुझे नहीं है।" घर लौटने के इच्छुक भारतीयों से रजिस्ट्रेशन के विषय पर विपुल ने कहा, "इसकी आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होना बाकी है। इस मिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा दी जाएगी। हम इस मुद्दे पर दिल्ली से अंतिम फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय नौसेना ने कहा हम सक्षम
भारतीय नौसेना ने, सरकार को सौंपी अपनी विस्तृत निकासी योजना में, उल्लेख किया है कि "भारतीय नौसेना नौसेना के तीन युद्धपोतों से खाड़ी देशों से 1,500 भारतीयों को निकाल सकती है।" विदेश मंत्रालय (एमईए) आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ परामर्श शुरू कर चुका है। इसके लिए नौसेना ने अपने तीन सबसे बड़े युद्धपोतों को बचाव अभियान में लगाएगा। लोगों को बाहर निकालने में आईएनएस जलश्व दो अन्य युद्धपोतों के साथ तैयार है। सरकार ने इन युद्धपोतों को कुछ दिनों के भीतर चलने के लिए तैयार रहने को कहा है।
चूंकि ये बड़े जहाज हैं, विशेष रूप से आईएनएस जलश्व इसलिए सरकार ने इन्हें भेजने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इन जहाजों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को निकाला जा सकता है इसलिए एयर इंडिया के जंबो की बजाय जहाजों को भेजने का विकल्प चुना गया ।
इतनी है जहाजों की क्षमता
जलश्व अपने चालक दल के अलावा, 1000 सैनिकों को ले जा सकता है और सोशल डिस्टेंसिंग के बाद, यह लगभग 850 लोगों का ले जा सकता है। दो एलएसटी इसकी तुलना में छोटे हैं (कुम्भिर श्रेणी के जहाज) और चालक दल के अलावा कई सौ लोगों को ले जा सकते हैं। यहां तक कि भारतीय नौसेना के पास विशाखापत्तनम, पोर्ट ब्लेयर और कोचीन में आठ एलएसटी हैं, लेकिन दो को बुलाया जा जा रहा है।












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