'AAIB पूरा भरोसा, फाइनल रिपोर्ट आने तक कमेंट ना करें', एयर इंडिया क्रैश की गलत रिपोर्ट पर भड़के मोदी के मंत्री
Air India Crash (Aviation Minister Ram Mohan Naidu): एयर इंडिया फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे को लेकर अब सियासत और मीडिया में बयानबाजी तेज हो गई है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर विदेशी मीडिया ने रिपोर्टिंग में जल्दबाजी और "पूर्वाग्रह" दिखाया है -जिस पर अब केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने रविवार (20 जुलाई) को मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार एयर इंडिया हादसे की फाइनल जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेगी। उन्होंने कहा, ''AAIB ने ब्लैक बॉक्स का डेटा देश में ही सफलतापूर्वक डिकोड किया है। यह बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि पहले ऐसे मामलों में डेटा बाहर भेजना पड़ता था। मैं AAIB पर पूरा भरोसा करता हूं।"

विदेशी मीडिया पर 'निहित स्वार्थ' के आरोप
एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया हाउस "निहित स्वार्थों" से ग्रसित रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जिससे भ्रम फैल रहा है। उन्होंने कहा, ''AAIB ने सभी से, खासकर उन पश्चिमी मीडिया हाउसेज से अपील की है जिनका इस तरह के लेख प्रकाशित करने में निहित स्वार्थ हो सकता है। जब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं आती, किसी नतीजे पर पहुंचना गलत है।"
उन्होंने कहा, ''यह हमारे लिए एक बड़ी सफलता थी क्योंकि पिछली घटनाओं में, जब भी ब्लैक बॉक्स क्षतिग्रस्त पाया जाता था, तो डेटा के लिए उसे हमेशा विदेश भेजा जाता था। लेकिन यह पहली बार है जब सब कुछ भारत में डिकोड कर लिया गया है। डेटा यहां है। प्रारंभिक रिपोर्ट भी देखी गई है।"
राम मोहन नायडू ने कहा, "फाइनल रिपोर्ट आने तक कोई भी कमेंट करना, मुझे नहीं लगता कि किसी के लिए भी यह उचित होगा। हम भी बहुत सतर्क हैं और रिपोर्ट का रिसर्च कर रहे हैं और सुरक्षा के लिहाज से जो भी जरूरी होगा, हम करने को तैयार हैं।"
AIIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या कहा गया?
AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट में सामने आया कि विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक "रन" से "कटऑफ" हो गए, जिससे विमान का संतुलन और ऊंचाई टूट गई। यह भी खुलासा हुआ कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने फ्यूल क्यों कट किया, लेकिन दूसरे ने इससे इनकार किया।
हालांकि रिपोर्ट में किसी विशेष पायलट को दोषी नहीं ठहराया गया है और न ही किसी तकनीकी खराबी का जिक्र है। 12 जून 2025 को एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 241 लोग उसमें सवार थे।
पायलट संगठन का कानूनी एक्शन
भारतीय पायलट संघ (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स पर तथ्यहीन रिपोर्टिंग का आरोप लगाया है और कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने स्पष्ट कहा, "आप कैसे किसी पायलट को दोषी ठहरा सकते हैं जब रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं लिखा है? हमने माफीनामा मांगा है, वरना आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।"












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