प्लेन का कंट्रोल किसके पास था? मेंटेनेंस में दिक्कत थी? Air India हादसे से जुड़े 5 बड़े सवाल, पढ़ें उसके जवाब
Air India Crash AAIB Report: एयर इंडिया फ्लाइट AI171 विमान हादसे को लेकर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की है। यह विमान 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरते ही कुछ ही सेकंड बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 241 यात्री और चालक दल के सदस्य विमान में सवार थे।
AAIB रिपोर्ट में कहा गया है कि टेक-ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के दोनों इंजन हवा में अचानक बंद हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक इंजन में ईंधन (फ्यूल) पहुंचाने वाले 'फ्यूल कटऑफ स्विच' लगभग एक ही समय पर 'RUN' से 'CUTOFF' पोजीशन में चले गए, जिससे दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई बंद हो गई। यह बदलाव दोनों स्विच में एक सेकंड से भी कम अंतर में हुआ।

जैसे ही इंजन बंद हुए, विमान की आपातकालीन ऊर्जा प्रणाली रैम एयर टर्बाइन (Ram Air Turbine - RAT) सक्रिय हो गई। RAT तब एक्टिव होती है जब विमान को मुख्य इंजनों से बिजली या हाइड्रोलिक सपोर्ट नहीं मिल रहा हो। इसके बाद विमान ने तुरंत ऊंचाई खोनी शुरू कर दी और कुछ ही समय में क्रैश हो गया। ऐसे में आपके मन में भी सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर प्लेन टेक ऑफ के वक्त दोनों पायलट में से किसके पास कंट्रोल था? क्या पायलट फिट थे? क्या विमान के मेंटेनेंस में दिक्कत थी? जांच रिपोर्ट से जुड़े अहम सवालों के जवाब जानते हैं?
🔴 सवाल: उड़ान के समय विमान का कंट्रोल किसके हाथ में था?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरते वक्त एयर इंडिया फ्लाइट AI171 का कंट्रोल को-पायलट क्लाइव कुंदर के हाथ में था। वहीं कैप्टन सुमीत सभरवाल उड़ान की निगरानी कर रहे थे।
विमान जैसे ही 180 नॉट्स की स्पीड पर पहुंचा, दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच अचानक "RUN" से "CUTOFF" में चले गए। इस दौरान कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट को चौंकते हुए कहते सुना गया, "तुमने फ्यूल क्यों बंद?" और जवाब आया, "मैंने नहीं किया।"
एयर इंडिया AI171 ने 1:38:39 PM पर उड़ान भरी। 1:38:42 PM पर एक सेकेंड के अंतर से दोनों इंजन बंद हो गए। 1:38:52 PM पर पायलट ने इंजन-1 का स्विच ऑन किया, जो कुछ हद तक चालू हो गया था। 1:38:56 PM पर पायलट ने इंजन-2 का स्विच ऑन किया लेकिन इंजन चालू नहीं हुआ।
पायलट ने क्रैश होने से पहले दोपहर 1 बजकर 39 मिनट 05 सेकेंड पर मेडे कॉल दिया था। लेकिन 1 बजकर 39 मिनट 11 सेकेंड पर फ्लाइट रिकॉर्डर ने रिकॉर्डिंग बंद कर दी। यानी प्लेन क्रैश हो चुका था।
🔴 सवाल: क्या पायलट्स शारीरिक और मानसिक रूप से फिट थे?
जवाब: हां। दोनों पायलट्स पूरी तरह मेडिकली फिट पाए गए।
कैप्टन सुमीत सभरवाल (उम्र 56) के पास कुल 15,638 घंटे का उड़ान अनुभव था, जिनमें से 8,596 घंटे Boeing 787 पर थे।
को-पायलट क्लाइव कुंदर (उम्र 32) ने अब तक 3,403 घंटे की उड़ान भरी थी, जिनमें से 1,128 घंटे इसी विमान पर थे।

🔴 सवाल: क्या बर्ड हिट हुआ था?
जवाब: नहीं। जांच रिपोर्ट ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में लिखा है कि विमान के उड़ान पथ के आसपास किसी भी पक्षी की गतिविधि नहीं देखी गई। इसके अलावा, फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और लैंडिंग गियर की पोजीशन भी उड़ान के मानकों के अनुरूप थीं।
🔴 सवाल: मौसम कैसा था?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय मौसम पूरी तरह साफ और सामान्य था। न तो बारिश थी, न आंधी, न तूफान। विजिबिलिटी भी पर्याप्त थी। तापमान भी विमान के उड़ान के लिए अनुकूल था।
🔴सवाल: क्या विमान मेंटेनेंस में कोई कमी पाई गई?
जवाब: नहीं। रिपोर्ट कहती है कि एयर इंडिया के इस Boeing 787-8 (रजिस्ट्रेशन VT-ANB) विमान ने हाल ही में सभी रूटीन मेंटेनेंस चेक पास किए थे। सभी Airworthiness Directives का पालन किया गया था।
फ्यूल क्वालिटी मानकों पर खरी थी। इंजन या फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में किसी तकनीकी गड़बड़ी के कोई संकेत नहीं मिले। इसलिए अब तक की जांच में न तो Boeing और न ही इंजन निर्माता General Electric (GE) पर कोई जिम्मेदारी तय की गई है, और न ही उनके लिए कोई सुरक्षा सिफारिश जारी की गई है।

🔴 सवाल: टेक-ऑफ के कुछ सेकंड बाद कैसे बंद हो गए दोनों इंजन?
जवाब: जांच में पाया गया है कि एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFR (Enhanced Airborne Flight Recorder) ने दिखाया कि
- 08:08:52 UTC: इंजन-1 का फ्यूल कटऑफ स्विच 'CUTOFF' से 'RUN' में लाया गया।
- 08:08:54 UTC: APU (Auxiliary Power Unit) का इनलेट डोर खुलना शुरू हुआ, जो इमरजेंसी सिस्टम के अनुसार सामान्य प्रक्रिया है।
- 08:08:56 UTC: इंजन-2 का फ्यूल कटऑफ स्विच भी 'CUTOFF' से 'RUN' में लाया गया।
जैसे ही इंजन बंद हुए, विमान में रैम एयर टर्बाइन (RAT) एक्टिव हो गया। यह एक छोटी प्रोपेलर जैसी डिवाइस होती है, जो हवा की गति से घूमकर बिजली और हाइड्रॉलिक पावर जनरेट करती है। इसे खासतौर पर ऐसे हालात में इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है जब विमान की मेन पावर सप्लाई या हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल हो जाए। RAT की मदद से विमान को कम से कम उसके नेविगेशन और बेसिक कंट्रोल सिस्टम को कुछ समय तक चालू रखने में मदद मिलती है, जिससे पायलट को आपातकालीन हालात में विमान को संभालने का थोड़ा वक्त और सहारा मिल जाता है।
जब विमान हवा में होता है और फ्यूल कंट्रोल स्विच 'RUN' में डाले जाते हैं, तो FADEC (Full Authority Digital Engine Control) सिस्टम अपने आप इग्निशन और फ्यूल इंट्रोडक्शन के जरिए इंजन को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू करता है। लेकिन इस मामले में विमान इतनी तेजी से ऊंचाई खो बैठा कि इंजन दोबारा शुरू नहीं हो सके और हादसा हो गया।
(UTC का मतलब होता है, ''Coordinated Universal Time'' इसे जुलु टाइम या Z टाइम भी कहा जाता है। यह दुनिया भर में समय मापने का एक मानक है, जिसे 24 घंटे की घड़ी से मापा जाता है। विमान में समय क्षेत्रों में भ्रम से बचने के लिए UTC का उपयोग किया जाता है। ताकि सभी पायलट एक ही समय का इस्तेमाल कर सके। इसमें AM, PM नहीं होता है।)












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