ओमिक्रॉन माइल्ड इंफेक्शन, ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत नहीं: एम्स निदेशक
नई दिल्ली, 30 दिसंबर: देश में कोरोना के नए मामलों के साथ ओमिक्रॉन के केस भी बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली और महाराष्ट्र में सामने आ रहे नए मामलों के बाद कोरोना की तीसरी लहर का चिंता सताने लगी है। कई महीनों की शांति के बाद एक बार फिर से लोगों के सिर पर कोरोना का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। ऐसे में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों पर एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने जनता को बेवजह डर में रहने की और जमाखोरी करने से भी बचने की सलाह दी है।

AIIMS के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि वर्तमान आंकड़ों के अनुसार ओमिक्रॉन माइल्ड यानी हल्का इंफेक्शन है तो ऑक्सीजन की जरूरत इतनी अधिक नहीं हो सकती है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि मैं सभी से ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं की जमाखोरी से बचने का अनुरोध करूंगा। हम एक राष्ट्र के रूप में मामलों में किसी भी तरह के उछाल की स्थिति के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।
एम्स निदेशक डॉ. गुलेरिया ने एक वीडियो संदेश में कहा कि हम व्यक्तिगत प्रतिरक्षा के दृष्टिकोण से भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हममें से बड़ी संख्या में या तो टीकाकरण के कारण या प्राकृतिक संक्रमण के कारण प्रतिरक्षा मिली है। घबराएं नहीं, सतर्क रहें। इसी के साथ उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वो भीड़-भाड़ वाले जगह में जाने से बचें और मास्क लगाना ना भूलें।
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वहीं फरिदाबाद फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनोलॉजी एचओडी डॉ. रवि शेखर झा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ओमिक्रॉन के मामलों में उछाल आया है। इसकी इंफेक्शन रेट डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा है। अभी तक इसके लक्षण ज्यादातर हल्के ही दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए किसी विशिष्ट (specific) एंटीवायरल, स्टेरॉयड की जरूरत नहीं है।












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