'AI मानवता को नष्ट कर सकता है, रेगुलेट करना बेहद जरूरी', अमेरिकी सांसद से बोले Chat GPT के हेड
AI: चैट जीपीटी के हेड सैम ऑल्टन ने कहा कि एआई बेहद खतरनाक हो सकता है। कहा कि अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो मानवता को नाश कर देगा।

AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरे के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अगर इसका गलत इस्तेमाल किया जाएगा तो बहुत खतरनाक हो सकता है। इस बीच ओपन AI के सीईओ सैम अल्टमैन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि एआई बहुत गलत हो सकता है। अगर इसे नियंत्रण नहीं किया गया तो मानवता को नष्ट कर सकता है।
इस दौरान सैम अल्टमैन ने एआई की बढ़ती क्षमताओं से जुड़े संभावित खतरों को दूर करने में सरकार की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी सांसदों में कहा एआई को नियंत्रण करना जरूरी है। नहीं तो मानवता को नष्ट कर सकता है।
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ऑल्टमैन के सैन फ्रांसिस्को-आधारित स्टार्ट-अप ओपनएआई द्वारा चैटजीपीटी जारी करने के बाद, चैटबॉट टूल ने सवालों के जवाब देते समय उल्लेखनीय रूप से मानवीय प्रतिक्रियाओं के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रारंभ में, चिंताएँ मुख्य रूप से शिक्षकों के आसपास केंद्रित थीं, जो होमवर्क, टेस्ट और असाइनमेंट में धोखा देने के लिए इसके संभावित उपयोग के बारे में चिंतित थीं।
वहीं, इससे पहले बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफेट ने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ी बात कह दी थी। उन्होंने दुनिया में तेजी से विकसित हो रही इस तकनीकी की तुलना न्युक्लियर हथियारों से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि एआई में दुनिया में सब कुछ बदले की क्षमता होगी, लेकिन इसकी भी सीमाएं हैं।
एआई के जरिए साइंटिस्ट्स एक अलग वर्ल्ड की कल्पना कर रहे हैं। जहां सारा काम मशीनें हूबहू इंसानों की तरह करेंगी। काम करने के साथ वे इंसानों के साथ फेंडली होगीं। मतलब ये कि एक वर्चुअल दुनिया होगी जहां इंसानों का आप सिर्फ आभास कर सकते हैं, वो भी इंसानों का काम बिना इंसानों की मौजूदगी में देखकर।
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