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फार्मासिस्ट बेटा काम-धंधा छोड़ बन गया साधु, दिव्यांग मां-बाप ने दायर की याचिका

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    अहमदाबाद। अहमदाबाद के एक दिव्यांग पति-पत्नी ने अपने बेटे के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर गुजारा भत्ता की मांग की है। बुजुर्ग दंपति ने अदालत से कहा है कि बेटा साधु हो गया और कुछ काम नहीं करता है। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा खो गया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि वो बेटे को उन्हें गुजारा-भत्ता देने के लिए आदेश दे।

    Ahmedabad: Disabled couple sues son for compensation who is now a sadhu

    64 साल के लीलाभाई और उनकी पत्नी ने बेटे धर्मश के खिलाफ गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के एक काउंसलिंग सेशन के दौरान ये याचिका दायर की है। उन्होंने बताया है कि धर्मेश नौकरी छोड़ साधु बन गया है और परिवार को छोड़ इधर-उधर घूमता रहता है। ऐसे में बुढ़ापे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दंपति ने अपने दिव्यांग होने की भी बात कही है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने मामले पर उचित कार्रवाई की बात कही है।

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    याचिका दायर करने वाले लीलाभाई का कहना है कि उन्होंने अपने जीवनभर की कमाई खर्च कर बेटे को नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मासूटिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च से मास्टर्स इन फार्मेसी कराया। इसके बाद धर्मेश को एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी भी मिल गई। कुछ दिन नौकरी करने के बाद धर्मेश ने कहा कि वो सांसारिक मोह माया से दूर जा रहा है और वो साधु बन गया। लीलाभाई का कहना है कि समझाने के बाद भी वो नहीं लौटा तो उन्होंने शिकायत का फैसला किया।

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    English summary
    Ahmedabad: Disabled couple sues son for compensation who is now a sadhu

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