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'24 तारीख को शादी में घर आने वाला था बेटा', अग्निवीर अमृतपाल सिंह के पिता का दर्द, कहा- मौत के पहले हुई थी बात

Agniveer Amritpal Singh: पंजाब के मनसा के रहने वाले हाल ही में भर्ती हुए अग्निवीर अमृतपाल सिंह की मौत को लेकर विवाद जारी है। भारतीय सेना अधिकारिक बयान में कहा है कि, 'अग्निवीर अमृतपाल सिंह का निधन 11 अक्टूबर को राजौरी सेक्टर में ड्यूटी के दौरान खुद को लगी बंदूक की गोली से चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई थी। सेना ने कहा है कि आत्महत्या से हुई मौत की वजह से अमृतपाल सिंह को सैन्य सम्मान नहीं दिया गया था।

सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनसा में अग्निवीर अमृतपाल सिंह के परिवार से मुलाकात की। सीएम भगवंत मान ने कहा कि, 'हम उन्हें (अमृतपाल सिंह) शहीद का दर्जा देंगे। पंचायत और परिवार की मांग के मुताबिक उनके नाम पर एक स्टेडियम बनाया जाएगा। उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। पूरे पंजाब की ओर से उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए... हम केंद्र सरकार से अग्निवीरों को नियमित करने की मांग करेंगे।'

Agniveer Amritpal Singh

अमृतपाल सिंह के पिता बोले- मौत वाले दिन हुई थी बेटे से बात

अमृतपाल सिंह के पिता गुरदीप सिंह (father Gurdeep Singh) ने कहा कि अपने बेटे की मृत्यु के दिन उन्होंने उनसे बात की थी। उनका कहना है कि, उनका बेटा बिल्कुल भी उदास नहीं लग रहा था। वह बहुत खुश और उत्साहित लग रहा था।

गुरदीप सिंह ने कहा, 'मेरे बेटे ने मुझे बताया कि, वो मेरी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए 24 अक्टूबर से छुट्टी ले ली है और वह घर आकर शादी में शामिल होने का इंतजार कर रहा है।'

गुरदीप सिंह ने कहा कि, 'अमृतपाल सिंह ने जबलपुर में जम्मू-कश्मीर राइफल्स प्रशिक्षण केंद्र में अपना ट्रेनिंग पूरा करने के बाद सितंबर में गांव आया था। जिसके बाद वह 20 सितंबर को पुंछ में अपनी यूनिट में शामिल होने के लिए रवाना हो गया था। हम उनकी मौत की परिस्थितियों से अनभिज्ञ हैं और गहन जांच की मांग कर रहे हैं।'

Agniveer Amritpal Singh

पिता गुरदीप सिंह ने बताया कि सेना का एक हवलदार और दो जवान उनके बेटे के शव के साथ गांव आए थे और गार्ड ऑफ ऑनर के लिए सेना की कोई टुकड़ी मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैंने अपने बेटे का शव देखा और उसके बायीं कनपटी पर कान के ऊपर गोली लगने का घाव था।"

पंजाब में सैनिक कल्याण के निदेशक ब्रिगेडियर बीएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने कहा कि, उनके विभाग को सैन्य अधिकारियों से अग्निवीर के निधन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। हमें दाह संस्कार के बाद सारी बातें पता चली थीं। पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया है। हमें मौत की परिस्थितियों के बारे में सूचित नहीं किया गया था।

Agniveer Amritpal Singh

Who was Agniveer Amritpal Singh: कौन था अग्निवीर अमृतपाल सिंह

अमृतपाल सिंह पंजाब के मनसा जिले का रहने वाला था। पंजाब के किसी अग्निवीर सैनिक की यह पहली मौत है। अमृतपाल सिंह करीब एक साल पहले ही अग्निवीर भर्ती में शामिल हुआ था।

अमृतपाल सिंह ने एक महीने पहले ही सक्रिय ड्यूटी शुरू की थी। 19 साल के अमृतपाल सिंह पुंछ सेक्टर में जम्मू-कश्मीर राइफल्स की एक बटालियन में कार्यरत थे।

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