'98 लाख मिले, लेकिन हम चाहते हैं...', मुआवजे पर सवाल के बीच अग्निवीर अजय के परिवार ने कही बड़ी बात
सेना भर्ती स्कीम अग्निपथ को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से सदन में सवाल खड़े किए जाने के बाद सेना के स्पष्टीकरण के बाद मुद्दे पर नरमी आई। इस बीच पंजाब के शहीद अग्निवीर के परिवार ने स्वीकार किया है कि उन्हें 98 लाख रुपए का मुआवजा मिला है। हालांकि अग्निवीर का परिवार सेना भर्ती स्कीम को लेकर संतुष्ट नहीं है। परिजनों ने एक बयान में केंद्र सरकार से कुछ और मांग की है। ॉ
लुधियाना के रामगढ़ सरदार गांव के अजय कुमार अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। जनवरी 2024 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी इलाक़े में एक बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल होने के बाद वे शहीद हो गए।

वहीं बीते सोमवार को जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में अग्निपथ योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने अजय कुमार के परिवार के साथ मुलाकात का भी एक वीडियो शेयर किया।
राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि अग्निवीर के अजय के परिवार को मुआवजे के रुप में सिर्फ 48 लाख रुपए मिले। जबकि रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के इस बयान को गलत बयानी बताया। उन्होंने कहा कि शहीद अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपए दिए।
बाद में मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए सेना ने कहा कि ये सुनने में आया है कि शहीद अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। लेकिन ऐसा नहीं है। सेना ने कहा कि 98.39 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
वहीं अब शहीद अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों का बयान सामने आया है। अग्निवीर के शहीद के पिता ने कहा कि हम चाहते हैं कि अग्निवीर योजना को खत्म कर दिया जाए और हमें पेंशन और कैंटीन कार्ड मिले। उन्होंने कहा, "सरकार ने हमें पैसा दिया है, लेकिन हम चाहते हैं कि वे इस योजना को बंद कर दें।"
इस बीच अजय कुमार की बहन ने कहा कि मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताया। उन्होंने मुआवजे की राशि को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मीडिया को दिए एक बयान में कहा, "मेरे भाई ने चार साल की नौकरी के लिए अपनी जान गंवा दी। जबकि सरकार ₹ 1 करोड़ का वादा करती है, क्या कोई परिवार उसके बिना केवल उस राशि पर जीवित रह सकता है?" उन्होंने अग्निवीर योजना की पुनर्मूल्यांकन की मांग भी की है।












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