Agnipath Scheme: 10 प्वाइंट में समझें तीनों सेना के अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी बात
नई दिल्ली, 19 जून: 'अग्निपथ' योजना को लेकर देशभर में छिड़े बवाल के बीच रविवार को जल, थल और वायु सेना के अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान तीनों सेनाओं के शीर्ष आधिकारियों ने अग्निपथ योजना के सभी प्रावधानों को विस्तार से समझाया और इसको लेकर हर तरह के भ्रम दूर किए। आईए जानिए सेना अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस की 10 बड़ी बातें।

वापस नहीं होगी 'अग्निपथ योजना'
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यह योजना किसी भी हालत में वापस नहीं होगी। अब सेना में भर्ती इसी योजना के तहत होगी। सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली जरूरत अनुशासन की होती है, इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना चाहिए।
अन्य मंत्रालयों में मिलेगी जगह
विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा अग्निवीरों के लिए आरक्षण के संबंध में घोषणाएं पहले से तय थी। अग्निवीरों को सीएपीएफ में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य की सरकारों ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी। चार राज्य तो ऐसे हैं, जिन्होंने स्पष्ट कहा है कि सभी अग्निवीरों को जॉब देंगे। इसके अलावा बैंक अग्निवीरों को क्रेडिट देंगे।
25 जून को नौसेना जारी करेगी नोटिफिकेशन
नौसेना के वाइस एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारी एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे।

एक करोड़ रुपये का मिलेगा मुआवजा
सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।
सुविधाएं नियमित सैनिकों जैसी मिलेंगी
'अग्निवीर' को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती हैं। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
थलसेना में 1 जुलाई से भर्ती प्रक्रिया शुरू
विरोध प्रदर्शन के बीच सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में तीनों सेनाओं भर्ती प्रक्रिया के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। थलसेना ने कहा है कि उसकी भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएगी।
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एफआईआर हुई तो नहीं मिलेगा मौका
लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि हर एक जो हमसे अग्निवीर में जुड़ेगा, उसको अंडरटेकिंग/शपथ देनी होगी कि उसने कहीं प्रोटेस्ट में हिस्सा नहीं लिया या तोड़फोड़ या आगजनी नहीं की है। सभी का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा और अगर किसी के नाम एफआईआर दर्ज मिलती है, तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते।यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल नहीं हो सकते। उन्हें नामांकन फॉर्म के हिस्से के रूप में यह लिखने के लिए कहा जाएगा कि वे आगजनी का हिस्सा नहीं थे, उनका पुलिस सत्यापन किया जाएगा।
'अग्निवीरों' के लिए उम्र सीमा में रियायत
गुरुवार को केंद्री गृहमंत्रालय ने अग्निवीरों को उम्र सीमा में छूट देने की घोषणा की। उम्र सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी। मंत्रालय ने ट्वीट में घोषणा की कि अग्निवीरों के पहले बैच के लिए उम्र सीमा में छूट पांच साल की होगी।
निकट भविष्य में 1.25 लाख हो जाएगी अग्निवीरों की संख्या
लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि निकट भविष्य में 'अग्निवीर' की संख्या 1.25 लाख हो जाएगी और 46,000 पर नहीं रहेगी जो कि वर्तमान आंकड़ा है।
24 जून को वायुसेना में पहले बैच के लिए प्रक्रिया शुरू
विरोध प्रदर्शन के बीच सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में तीनों सेनाओं भर्ती प्रक्रिया के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। थलसेना ने कहा है कि उसकी भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएगी। एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है। उसी के तहत उसपर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। एक महीने बाद 24 जुलाई से फेज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

बाकी सैनिकों में कोई अंतर अलाउंस में नहीं रहेगा
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि आज के जवानों के मुकाबले अग्निवीरों को ज्यादा अलाउंस मिलेंगे। अग्निवीर और बाकी सैनिकों में कोई अंतर अलाउंस में नहीं रहेगा। देश सेवा को पैसे से ना तौलें। उन्होंने कहा कि आगे की लड़ाई टेक्नो-सेवी होगी और उसके लिए हमें यूथ चाहिए। हमारी 70 फीसदी इनटेक गांवों से है। पिछले सालों मो हमने अपना फ्लैब कट किया है। ये सिर्फ 46000 तक नहीं रहेगा, आगे ये और बढ़ेगा।












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