Ola Electric के 1,441 स्कूटर की वापसी के बाद, अगला किनका है नंबर ? पूरा मामला जानिए
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: केंद्रीय सड़क परिहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं पर सख्त रुख दिखाने के बाद ऐसे वाहन बनाने वाली कंपनियां खराब अपने वाहनों को जानमाल की सुरक्षा के मद्देनजर वापस लेने को मजबूर हो गई हैं। पहला ऐक्शन ओला इलेक्ट्रिक ने लिया है, जिसने अपने 1,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस बुला लिया है। पिछले कुछ ही हफ्तों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कम से कम 4 लोगों की जान जा चुकी है। लगता है कि ओला इलेक्ट्रिक के बाद बाकी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियों ने भी डिफेक्टिव स्कूटरों को बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। क्योंकि,ज्यादातर कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों के साथ ये हादसे हो चुके हैं।

ओला इलेक्ट्रिक ने1,441 स्कूटर वापस लिए
ओला इलेक्ट्रिक ने दर्जनों इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद अपने 1,400 से अधिक स्कूटरों को वापस बुला लिया है। इन घटनाओं में देशभर में कम से कम 4 लोगों की जान तक जा चुकी है। ओला इलेक्ट्रिक ने यह कदम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की उस चेतावनी के बाद उठाया है, जिसमें उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाले सभी निर्माताओं से कहा था कि वह अपने खराब उत्पाद को वापस लेने के लिए तत्काल ऐक्शन लें। ओला इलेक्ट्रिक ने कहा है कि वह अपने खास बैच के ऐसे 1,441 वापस बुला रहा है। इनमें से एक में पिछले महीने तब आग लग गई थी, जब वह पुणे के व्यस्त बाजार वाले इलाके में सड़क किनारे पार्क की हुई थी।

ओला इलेक्ट्रिक के इंजीनियर जांच करेंगे
वैसे ओला इलेक्ट्रिक ने आग लगने की उस घटना को डाउनप्ले करने की कोशिश की है और कहा है कि 'पुणे में 26 मार्च को जो आग लगने की घटना हुई थी, उसमें हमारी आंतरिक जांच चल रही है और शुरुआती तौर पर लगता है कि वह थर्मल इंसिडेंट आइसोलेटेड लग रहा है।' कंपनी की ओर से दलील दी गई है कि 'एहतियात के तौर पर हम उस खास बैच के स्कूटरों की स्थिति की विस्तृत छानबीन कर रहे हैं और इसलिए खुद से 1,441 वाहनों को वापस बुला रहे हैं।' कंपनी ने बताया है कि उसके सर्विस इंजीनियर इन स्कूटरों की तसल्ली से जांच करेंगे, जिसमें बैटरी, थर्मल और सेफ्टी सिस्टम सभी शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि बैटरी पैक एआईएस 156 मानक को पूरा करता है, जो कि भारत में सबसे ताजा प्रस्तावित स्टैंडर्ड है।

कितने इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं ?
पिछले कुछ हफ्तों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। इस तरह की घटनाएं अकेले ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों के साथ ही नहीं, ओकिनावा इलेक्ट्रिक स्कूटर, प्यूरो ईवी और जितेंद्र ईवी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों के साथ भी हो चुकी हैं। पुणे वाली घटना के अलावा ओकिनावा स्कूटर भी आग की लपटों में तबाह हो चुका है, जिसमें एक आदमी और उसकी 13 साल की बेटी की जान चली गई। इस महीने ही नाशिक की फैक्ट्री से जब जितेंद्र ईवी के स्कूटर ट्रांसपोर्ट के जरिए ले जाए जा रहे थे, तो उसमें आग लग गई और 20 इलेक्ट्रिक स्कूटर उसकी चपेट में आ गए। बुधवार को तेलंगाना के निजामाबाद में प्योर ईवी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी में बिस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आने से 80 साल के एक इंसान की जान चली गई।

केंद्र सरकार का इन घटनाओं पर क्या रुख है ?
पिछले हफ्ते केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कहा था कि अगर इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियां 'निर्माण की प्रक्रिया में लापरवाह पाई जाती हैं' तो सरकार उनपर भारी जुर्माना लगाएगी और उनके सभी खराब इलेक्ट्रिक वाहनों को वापस करने का आदेश देगी। उन्होंने का था कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर एक गुणवत्ता-केंद्रित गाइडलाइंस पर भी काम कर रही है, जो कि जल्द ही जारी की जाएगी। इससे पहले उनके मंत्रालय ने सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी को आदेश दिया था कि इन घटनाओं की जांच करके इसके सुधारात्मक उपायों की सलाह दे।

ओला इलेक्ट्रिक के बाद किन कंपनियों का नंबर?
इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि वह अभी तो यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आग लगने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? बहरहाल ओला इलेक्ट्रिक की तरह ही प्योर ईवी ने 2,000 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की वापसी की तैयारी शुरू कर दी है तो ओकिनावा स्कूटर ने सुरक्षा से जुड़े खतरों के मद्देनजर 3,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों का वापस बुलाने का ऐलान किया है।(सौजन्य- आग वाली घटनाओं की तस्वीरें ट्विटर वीडियो से)












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