7 वर्ष के वीर को है 'थैलीसिमिया', आपकी मदद से बच सकता है घर का चिराग
नई दिल्ली। अपने बड़े बेटे को खोने पर मैं और मेरी पत्नी पूरी तरह से टूट चुके थे। हमारा छोटा बेटा अपने भाई को बहुत याद करता है और हमें समझ नहीं आ रहा था कि हम उसे किस तरह समझाएं कि अब उसका भाई कभी लौटकर नहीं आ सकता है। लेकिन अब हमारी परेशानी और भी ज़्यादा बढ़ गई है। हमारे छोटे बेटे वीर (7 वर्ष) को 6 महीने की उम्र से ही थैलीसिमिया की बीमारी है और हाल ही में उसकी हालत और भी ज़्यादा खराब हो गई। हम अब उसे नहीं खो सकते हैं, उसके बिना हम नहीं जी सकते हैं।
7 वर्ष के वीर को है थैलीसिमिया की बीमारी, इलाज के लिए चाहिए 15 लाख, कीजिए मदद

15 लाख रुपए का खर्च
पहले बेटे को खोने के बाद ही शर्मा के छोटे बेटे में थैलीसिमिया के भयंकर लक्षण दिखाई देने लगे। बुखार, सर्दी, डायरिया और कमज़ोरी और थकान जैसे लक्षण वीर में नज़र आने लगे। सालों से शर्मा तनाव में जी रहे थे और अब ये सब एक डर में बदल गया है। 6 साल की जंग के बाद वीर को अब बोन मैरो ट्रांसप्लांट की ज़रूरत है जिसमें 15 लाख रुपए का खर्चा होगा। हमारी छोटी बेटी खुशी उसकी स्टेम सेल डोनर बनी है। इस ट्रीटमेंट के लिए मुझे अपनी पुश्तैनी ज़मीन बेचनी पड़ी और जिसे भी मैं जानता था उससे मैंने पैसे उधार लिए। जितना मैं कर सकता था उससे ज़्यादा ही करने की कोशिश की।

वीर के पिता के पास नौकरी नहीं
अस्पताल के चक्कर लगाने में ही मेरी जेब खाली हो गई थी। घंटों तक मैं वीर को निहारता रहता और देखता कि कैसे वो नन्ही सी जान इतनी बड़ी जंग लड़ रहा है। शर्मा बस यही चाहते हैं कि उसके बेटे को सामान्य जीवन मिल जाए और वो बाकी बच्चों की तरह अपने दोस्तों के साथ खेल सके। अपने बेटे वीर का ख्याल रखने के लिए वो दो साल पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं। अब उसके घर का खर्च उसकी पत्नी चलाती है जिसकी मासिक आय मात्र 5 हज़ार रुपए है।

आर्थिक कारणों से परेशान वीर का परिवार
खुशी को अपना बड़ा भाई याद नहीं है। वीर स्कूल जाने में खुशी महसूस करता है क्योंकि उससे उसके बड़े भाई की यादें जुड़ी हुईं हैं। वो हमेशा से अपने भाई जैसा बनना चाहता था। रसोई से मिठाई चुराते हुए उसके चेहरे की हल्की मुस्कान मुझे आज भी उसके बड़े भाई की याद दिलाती है। वीर में मुझे उसका बड़ा भाई नज़र आता है। आर्थिक कारणों की वजह से मुझे वीर की चिंता होती है। वीर की मां को भी हाई शुगर की दिक्कत है और उनकी दवाओं पर ही महीने में 10 हज़ार रुपए का खर्चा आता है। ये सारा खर्चा हमारे घर की आर्थिक हालत को खराब कर रहा है।

हम अपने एक बेटे को पहले ही खो चुके हैं ...
हम अपने एक बेटे को पहले ही खो चुके हैं और अब वीर को खोना नहीं चाहते हैं। अब इस परिवार ने वीर की जान बचाने के लिए लोगों से पैसा इकट्ठा करना शुरु किया है। वीर के ईलाज में कुछ धन राशि दान करके आप भी उसकी और उसके परिवार की मदद कर सकते हैं।












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