केरल से तमिलनाडु-कर्नाटक पहुंच सकता है निपाह वायरस, अलर्ट जारी
केरल से तमिलनाडु-कर्नाटक पहुंच सकता है निपाह वायरस, अलर्ट जारी
नई दिल्ली। केरल में दिमागी बुखार यानी निपाह संक्रमण का मामला सामने आने के बाद अब तमिलनाडु और कर्नाटक के शहरों में भी इसके वायरस पहुंचने की आशंका हैं। दोनों राज्यों के कई शहरों में निपाह को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक ने केरल से बॉर्डर से लगते हुए आठ राज्यों में अलर्ट किया है। तमिलनाडु के मदुरै और कोयंबटूर में निपाह के खतरे को देखते हुए अलग से वार्ड बनाए हैं।

कर्नाटक के आठ जिलों में अलर्ट
कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने निपाह संक्रमण को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें चामराजनगर, मैसुरु, कोडागु, दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़, उडुपी, शिवमोगा और चिकमंगलुरु जिलों के प्रशासन से तत्काल अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक बुलाने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। अस्पतालों को किसी भी व्यक्ति को संक्रमण का संदेह होने पर पहले से अलग वार्ड की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

तमिलनाडु में अलग वार्ड बनाए गए
केरल में निपाह विषाणु से संक्रमण के मामले की पुष्टि होने के बाद तमिलनाडु सरकार ने अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री विजय भास्कर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केरल सीमा से लगने वाले सभी सात जिलों में एहतियाती कदम उठा रहा है। सरकार थेनी, कन्याकुमारी, तिरूवल्लुर, तिरूप्पुर और कोयम्बटूर से होकर केरल से तमिलनाडु आने वाले बीमार लोगों की जांच कर रही है ताकि निपाह के किसी खतरे का पता तल सके।

केरल में हुई निपाह की पुष्टि
बता दें कि केरल में निपाह संक्रमण के मामले की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने राज्य में निपाह वायरस मामले की पुष्टि कर दी है। केरल में निपाह वायरस का मामला सामने आने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने केरल के स्वास्थ्य मंत्री को केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
'निपाह वायरस' एक तरह का पशुजन्य रोग है, मेडिकल टर्म में इसे NIV वायरस भी कहा जाता है। ये वायरस जानवर से फलों में और फलों के जरिए व्यक्तियों में फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक निपाह वायरस (NiV) तेजी से उभरता वायरस है। निपाह वायरस' की चपेट में आने वाले इंसान को तेज बुखार,दिमाग या सिर में तेज जलन, दिमाग में सूजन और दर्द,मानसिक भ्रम, सांस लेने में परेशानी होती है। संक्रमण बढ़ने से मरीज कोमा में चला जाता है, इससे इंसान की मौत तक हो जाती है।












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