24 साल बाद मुंबई के शख्स को वापस मिला चोरी हुआ लाखों का सोना, जानिए अब उसकी कीमत
मुंबई, 31 जनवरी: मुंबई के हाई प्रोफाइल कोलाबा इलाके में 1998 में एक घर में लूट हो गई थी। लुटेरों ने घर के सेफ से लाखों रुपये का सोना निकाल लिया था। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो तीन आरोपी पकड़े भी गए और लूटा हुआ माल भी बरामद हुआ। लेकिन, तब अदालत से ना सिर्फ तीनों आरोपों बरी हो गए थे, बल्कि दो दशकों से भी ज्यादा वक्त से बरामद हुआ सारा सोना पुलिस के ही पास पड़ा हुआ था। क्योंकि, पुलिस को इस केस में दो और आरोपियों की तलाश थी, जो फरार हो चुके हैं। अपना सोना वापस लेने के इंतजार में असली पीड़ित की मौत हो चुकी है। लेकिन, अब अदालत की पहले पर उनके बेटे को वह संपत्ति वापस मिली है, जो लाखों रुपये से करोड़ों रुपये की हो चुकी है। इसकी वजह ये है कि सिर्फ सोना ही नहीं मिला है, उसमें कुछ एंटीक स्वर्ण मुद्राएं भी हैं, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कहीं ज्यादा हो सकती हैं।

1998 में मुंबई के कोलाबा में लूटा गया था सोना
साउथ मुंबई के पॉश इलाके कोलाबा के एक निवासी को 24 साल के संघर्ष के बाद उसका पैतृक सोना वापस मिला है। 1998 में घर से चोरी गए इस संपत्ति के इंतजार में इसके असली मालिक अर्जन दासवानी अब दुनिया छोड़ चुके हैं। लेकिन, अब उनके बेटे को उनकी संपत्ति वापस मिल गई है। पुलिस ने इस घटना में जो सोना और जेवरात बरामद किए थे, उनमें दो प्राचीन स्वर्ण सिक्के, सोने के 3 कंगन और दो सोने की छड़ें शामिल हैं। सोमवार को यह सारा सोना पुलिस ने इसके असली मालिक को सौंप दिया है। कोलोबा के एसीपी पांडुरंग शिंदे ने कहा है, '1998 में लूट के बाद 2 प्राचीन सोने के सिक्के, 3 कंगन और दो छड़ें बरामद की गई थीं और कोलाबा पुलिस की ओर से उसे अर्जन दासवानी के परिवार को सौंप दिया गया है।'

1998 में लूटे गए सोने की कीमत 13 लाख रुपये थी
कोलाबा पुलिस में 8 मई, 1998 को दर्ज एफआईआर के मुताबिक लुटेरों के एक गैंग ने दासवानी के घर में धावा बोला था। उन्होंने सेफ तोड़कर खोल लिया था और उसमें से सोने के आभूषण उड़ा ले गए थे। बाद में पुलिस ने जो सोना बरामद किया था, उसमें क्वीन विक्टोरिया की तस्वीर वाला एक सोने का सिक्का, एलिजाबेथ की तस्वीर वाला एक सोने का सिक्का, 3 सोने के कंगन के अलावा सोने की छड़ें शामिल थीं। जिस वक्त लूट की यह वारदात हुई थी, तब इसकी कीमत 13 लाख रुपये बताई गई थी।

इस मामले में तीन आरोपी बरी हुए, दो अबतक फरार
इस केस में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। लेकिन, 2002 में सेशन कोर्ट ने तीनों को बरी कर दिया। लेकिन, चार्जशीट के मुताबिक इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश थी। तब सेशन कोर्ट ने आरोपियों को बरी करते हुए आदेश दिया था कि जबतक फरार आरोपी नहीं पकड़े जाते सोना सुरक्षित रखा जाएगा। इसके चलते यह सोना पुलिस के पास ही पड़ा हुआ था। 2007 में अर्जन दासवानी का निधन हो गया और उनके बेटे राजू दासवानी ने सभी ऑरिजन बिल जमा कर उस प्रॉपर्टी पर अपना दावा जताया। उनकी दो बहनें, एक जो कनाडा में रहती हैं और दूसरी अमेरिका में, दोनों ने भाई को सोना सौंपे जाने में कोई आपत्ति नहीं जताई।

शर्तों के साथ सौंपा गया सोना
राजू ने सोना वापस सौंपे जाने की दलील देते हुए अदालत से गुजारिश की थी कि पता नहीं कि भगोड़े आरोपी कब पकड़े जाएंगे और तबतक यह सोना इसके असली मालिक के पास नहीं आ पाएगा। इसलिए उन्होंने उसे वापस सौंपे जाने की गुहार लगाई थी। पुलिस को भी राजू की ओर से दिए गए दस्तावेजों की पड़ताल करने के बाद उनकी मांग पर कोई आपत्ति नहीं थी। आखिर जज यूजे मोरे ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि 'बरामद सामान खासकर सोना पुलिस के पास यूं ही रखे रहने का कोई मतलब नहीं है। इस केस में 19 वर्षों से कोई प्रगति नहीं हुई है। अगर इसी तरह से शिकायतकर्ता को आरोपियों के पकड़े जाने के लिए इंतजार करने को कहा गया तो यह न्याय के साथ मजाक और कानून की प्रक्रिया का उल्लंघन होगा।' इसके बाद अदालत ने शर्तों के साथ सोना असली मालिक को सौंपने के लिए कह दिया।

अब करोड़ों रुपये हो चुकी है इस सोने की कीमत
जब सोना लूटा गया था तो उसकी कीमत 13 लाख रुपये थी। अगर 1996 से 1998 के बीच सोने का औसत भाव देखें तो यह 5,160 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 4,045 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच था। आज की तारीख में सोने का भाव 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। यानी आज की तारीख में वापस लौटाए गए सोने की कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है। क्योंकि, इसमें प्राचीन स्वर्ण मुद्राएं भी शामिल हैं। हालांकि राजू दासवानी के लिए अदालत ने शर्त ये लगाई है कि वह फरार आरोपियों के पकड़े जाने तक इसे बेच नहीं सकेंगे। और जब भी आरोपी पकड़े जाएंगे उन्हें इसे पेश करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर वह सोना बेचते हैं या यह गायब होता है तो उन्हें 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। (पहली दोनों तस्वीरों के अलावा बाकी सांकेतिक)












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